इसके लिए जिले के सभी उच्च विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. पंचायत स्तर पर प्रज्ञा केंद्र में कार्यरत एवं वैसे शिक्षक जो कंप्यूटर की जानकारी रखते हों, उनके माध्यम से बच्चों व ग्रामीणों को प्रशिक्षण देकर डिजिटल साक्षर करने का कार्य हो रहा है. इसके लिए प्रशिक्षण भी दिये गये हैं. अभियान में 14 से 60 वर्ष के लोग पंजीयन करा सकते हैं.
प्रशिक्षण की अवधि अधिकतम 30 दिन व न्यूनतम 10 दिन होगी. उपायुक्त ने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मुरहू, अड़की, कर्रा, खूंटी व तोरपा प्रखंड के इ ब्लॉक मैनेजर के कार्य की प्रगति असंतोषजनक पाये जाने पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने पीएमजी दिशा के तहत चिह्नित छात्र-छात्राअों का रजिस्ट्रेशन करने तथा प्रशिक्षण के उपरांत प्रमाणपत्र वितरण करने का भी निर्देश दिया. कहा कि जिस अनुपात में कार्य प्रगति है उसी अनुरूप में मानदेय निर्गत किया जायेगा. उपायुक्त ने सीएससी मैनेजर की कार्य प्रगति धीमी होने के कारण उनका मानदेय काटने का निर्देश दिया. बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे.
