रांची. JSSC CGL नियुक्ति घोटाले की जांच में CID को एक और बड़े सिंडिकेट की जानकारी मिली है. जांच एजेंसी को शक है कि इस नए नेटवर्क के जरिए 20 से ज्यादा अभ्यर्थियों को गलत तरीके से सरकारी नौकरी दिलाई गई. इनमें से कई अभ्यर्थी फिलहाल अलग-अलग सरकारी विभागों में पदस्थापित हैं. सीआइडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं. परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी एजेंसियों वेबेल, बिंसिस और आइसीएन के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है.
दो कर्मचारियों की रिमांड तीन दिन बढ़ी
नए खुलासे के बाद सीआइडी ने वेबेल और आइसीएन से जुड़े कर्मचारी सोमांश कुमार और राहुल प्रकाश की रिमांड तीन दिन के लिए बढ़ाई है. दोनों से पहले पांच दिनों तक पूछताछ की जा चुकी है. उन्हें बुधवार को जेल भेजा जाना था, लेकिन नए सुराग मिलने के बाद अब दोनों से तीन दिन और पूछताछ होगी.
सीआइडी का फोकस नए सिंडिकेट पर
पूछताछ के दौरान सीआइडी का फोकस नए सिंडिकेट के नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और नौकरी पाने वाले अन्य अभ्यर्थियों की पहचान पर रहेगा. दोनों आरोपियों को 27 अगस्त को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था.
200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
JSSC परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआइडी की SIT अब तक 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है. वहीं, 27 लोगों को जेल भेजा जा चुका है. इनमें बड़ी संख्या JSSC के सफल अभ्यर्थियों और परीक्षा कराने वाली एजेंसी से जुड़े लोगों की है. बुधवार को भी सीआइडी ने रांची समेत कुछ अन्य जिलों में 20 से ज्यादा अभ्यर्थियों से पूछताछ की. पिछले दो दिनों में करीब 50 अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है.
ED भी कर रही है जांच
मामले की जांच इडी भी कर रही है. वहीं सीआइडी अभय तिवारी और उससे जुड़े लोगों के पैसों के लेन-देन यानी मनी ट्रेल की भी जांच कर रही है.
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एक अभ्यर्थी से मिली नए सिंडिकेट की जानकारी
सीआइडी सूत्रों के मुताबिक, कुंदन कुमार नाम के एक अभ्यर्थी ने नए सिंडिकेट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी. बताया जा रहा है कि कुंदन ने खुद परीक्षा में सफलता हासिल की थी. इसके साथ ही उसने अपने भाई समेत 20 से ज्यादा अन्य अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने में मदद की.
जांच एजेंसी को शक है कि यह नेटवर्क भी एक अलग सिंडिकेट के तौर पर काम कर रहा था. हालांकि, इसका अभय तिवारी से जुड़े सिंडिकेट के साथ कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है.
एल. खियांग्ते की जमानत पर फैसला 5 सितंबर को
जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में आरोपी पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते की जमानत याचिका पर बुधवार को सीआइडी की विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो गई. अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब 5 सितंबर को उनकी जमानत पर फैसला सुनाया जाएगा. इसी मामले में आरोपी अभय तिवारी की जमानत याचिका पर भी सीआइडी की ओर से बहस पूरी कर ली गई है.
