JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में चल रहे धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का आंदोलन अब एक और बड़े पड़ाव की ओर बढ़ रहा है. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद अब छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है. आंदोलन के इस अगले चरण को देखते हुए रांची प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी है.
10 अगस्त के घटनाक्रम के बाद प्रशासन सतर्क
10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गयी थी. पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था. घटना के बाद पुलिस ने बैरिकेड तोड़ने और पुलिस पर हमले के मामले में केस भी दर्ज किया है.
इस घटनाक्रम के बाद 20 अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की चुनौती और बढ़ गयी है. इस बार प्रदर्शन का संभावित केंद्र विधानसभा नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री आवास होगा.
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CM आवास के आसपास बढ़ायी गयी सुरक्षा
20 अगस्त के घेराव की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं. मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इलाके में अतिरिक्त सशस्त्र बल लगाने के साथ निगरानी भी बढ़ायी गयी है. सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग की गयी है और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है.
वहीं सूत्रों के हवाले से खबर यह भी निकल के सामने आ रही है कि प्रशासन के द्वारा मुख्यमंत्री आवास के आसपास ड्रोन के जरिये निगरानी की जा रही है. प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ 20 अगस्त को संवेदनशील क्षेत्र तक न पहुंचे और कानून-व्यवस्था की स्थिति मौके पर ना बिगड़े.
इस बार प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
20 अगस्त को प्रशासन के सामने सिर्फ मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा का सवाल नहीं होगा. बड़ी संख्या में छात्रों के रांची पहुंचने की स्थिति में यातायात और शहर की सामान्य व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती होगी.
10 अगस्त के विधानसभा मार्च के दौरान भी सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग की गयी थी. विधानसभा क्षेत्र के आसपास प्रतिबंधात्मक उपाय और कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी.
अब मुख्यमंत्री आवास की ओर प्रस्तावित मार्च को देखते हुए प्रशासन को यह तय करना होगा कि प्रदर्शनकारियों को कहां तक आने दिया जाये और संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश रोकने के लिए कितनी सुरक्षा व्यवस्था की जाए.
छात्रों का आंदोलन भी हो रहा है तेज
छात्रों का कहना है कि JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में चल रहे धांधली और उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस समाधान नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा. 15 अगस्त को छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया.
16 अगस्त को आंदोलनकारियों ने राज्य के 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने का कार्यक्रम भी घोषित किया है. छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है.
20 अगस्त को क्या होगा, इस पर सबकी नजर
10 अगस्त के विधानसभा घेराव के दौरान पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति के बाद अब 20 अगस्त का कार्यक्रम प्रशासन और छात्रों दोनों के लिए अहम होगा. छात्रों की भीड़ कितनी होगी, उनका मार्च किस रास्ते से आगे बढ़ेगा और प्रशासन उन्हें कहां रोकेगा- इन सवालों के जवाब 20 अगस्त को ही साफ होंगे.
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि विधानसभा घेराव के बाद अब मुख्यमंत्री आवास के प्रस्तावित घेराव ने रांची प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ायी गयी है.
