रांची: झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा की ओर से छात्रों के मुद्दे पर दिये गये 48 घंटे के अल्टीमेटम और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा पर पलटवार किया है. उन्होंने भाजपा पर छात्रों और युवाओं के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा छात्रों के नाम पर राजनीतिक नौटंकी कर रही है. युवाओं के आक्रोश को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने भाजपा से अपने शासनकाल का हिसाब देने की मांग करते हुए कहा कि केंद्र और झारखंड में वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद युवाओं के लिए कितने रोजगार के अवसर पैदा किये गये, इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए.
छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भाजपा पर निशाना
झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा नेता छात्रों पर दर्ज मुकदमों को फर्जी बता रहे हैं. यदि मुकदमे फर्जी हैं, तो भाजपा को इसके समर्थन में तथ्य और प्रमाण सामने रखने चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों को राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आंदोलन के नाम पर सरकारी व्यवस्था को चुनौती देने की राजनीति कर रही है. उनके अनुसार, छात्रों के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाने से भाजपा की राजनीतिक मंशा नहीं छिप सकती.
48 घंटे का अल्टीमेटम हताशा का परिचायक : पांडेय
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा की ओर से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया जाना उसकी हताशा और राजनीतिक अहंकार का परिचायक है. झारखंड सरकार भाजपा के अल्टीमेटम से नहीं चलती. उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि धमकी और दबाव की राजनीति से सरकार को झुकाया जा सकता है, तो यह उसकी बड़ी भूल है.
'नौकरी बेचने' के आरोप पर प्रमाण मांगने की चुनौती
नौकरी बेचने के भाजपा के आरोप पर विनोद पांडेय ने कहा कि यदि भाजपा के पास कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण आरोप लगाना भाजपा की पुरानी राजनीतिक आदत रही है.
मुख्य सचिव से मुलाकात पर भाजपा की टिप्पणी को बताया हास्यास्पद
मुख्य सचिव से इंडिया गठबंधन के नेताओं की मुलाकात पर भाजपा की टिप्पणी पर भी विनोद पांडेय ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव से मिलने पर भाजपा को तकलीफ इसलिए हो रही है, क्योंकि उसे हर राजनीतिक गतिविधि में अपना राजनीतिक संकट दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं होने की भाजपा की बात पूरी तरह हास्यास्पद है.
