झारखंड में छुट्टी में भी खुले रहे डाकघर, रांची में सजा रंग-बिरंगा राखी बाजार

रक्षाबंधन के लिए झारखंड का राखी बाजार सज गया है, जहाँ ₹5 से ₹550 तक की राखियां उपलब्ध हैं. रांची में कस्टमाइज़्ड, कार्टून कैरेक्टर और डिजाइनर राखियों की मांग देखी जा रही है. डाक विभाग भी विशेष तैयारी कर रहा है.

Jharkhand Rakhi Market: रक्षाबंधन को लेकर डाक विभाग में विशेष तैयारियां चल रही हैं. पूरे झारखंड में अब तक करीब 1.51 लाख राखी लिफाफों की बिक्री हो चुकी है. राखी के त्योहार पर विभाग ने छुट्टी के दिनों में भी डाकघरों को खोलकर सुविधा उपलब्ध करायी है, रविवार 23 अगस्त को भी डाकघर खुले रहे. वहीं 26 अगस्त को छुट्टी के दिन होने के बावजूद राखी मेल की बुकिंग और वितरण से जुड़े कार्यों के लिए डाकघर खुले रहे. इससे लोग छुट्टी के दिन भी राखी और अन्य सामग्री अपने परिजनों को भेज सके. विभाग की ओर से राखी को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. राखी मेल की बुकिंग से लेकर उसके वितरण तक की प्रक्रिया को सुचारू बनाये रखने पर जोर दिया गया है. 

रांची में ₹5 से ₹550 तक की राखियां उपलब्ध 

रक्षाबंधन को लेकर रांची का राखी बाजार सज गया है. बाजार में पांच से लेकर 550 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं. बच्चों के लिए लाइट, स्पिनर और कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं. वहीं भाई-भाभी, फोटो और कस्टमाइज राखियों की भी मांग है. बाजार के साथ ऑनलाइन राखी की खरीदारी भी बढ़ी है. बाजार में इविल आइ, मौली, सिक्वेंस, थ्रेड वर्क, कोटेशन, फोटो, भाईभाभी, मोती वर्क और कैरेक्टर बेस्ड राखियां उपलब्ध हैं. जरदोजी, स्टोन वर्क, कश्मीरी वॉच, ब्रेसलेट स्टाइल, रुद्राक्ष मौली और नाम वाली राखियों की मांग भी है. इनकी कीमत 50 से 250 रुपये तक है. लुंबा राखी 100 से 400 रुपये तक में मिल रही है. 

डोरेमोन जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां भी 

बच्चों के लिए स्पिनर और लाइट वाली राखियों की सबसे अधिक मांग है. स्पाइडर मैन, पिकाचू, कैप्टन अमेरिका और डोरेमोन जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां भी बाजार में हैं. कार, बाइक, मोटू-पतलू, भीम और कान्हा थीम वाली राखियां भी बच्चों को पसंद आ रही हैं. इनकी कीमत 30 से 150 रुपये तक है.  

हस्तनिर्मित राखियों की डिमांड ज्यादा 

रिद्दी क्रियेशन की अनुभा कुमारी ने बताया कि इस बार कस्टमाइज राखियों की मांग अधिक है. आठ अगस्त से अब तक विभिन्न शहरों में 60-70 जगहों परराखियां भेजी जा चुकी हैं. ऑर्डर मिलने के दो से तीन दिनों में राखियां पहुंचायी जा रही हैं. 

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ऑनलाइन भी बढ़ी खरीदारी 

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी राखियों की मांग बढ़ी है. क्विक डिलीवरी सेवाओं के जरिये कई जगहों पर 10 मिनट में राखी घर पहुंचायी जा रही है. ऑनलाइन बाजार में बच्चों की कार्टून राखियों के अलावा डिजाइनर और कस्टमाइज राखियों के भी विकल्प उपलब्ध हैं. 

कोलकाता औरदिल्ली से आ रहीं राखियां 

अपर बाजार समेत शहर के प्रमुख चौक-चौराहों परराखी की दुकानें सज गयी हैं. राखी विक्रेता लीलाधर ठाकुर ने बताया कि ज्यादातर राखियां कोलकाता और दिल्ली से मंगायी गयी हैं. कुछ राखियां रांची में भी तैयार की गयी हैं. मौली धागे वाली छोटी और सादी राखियों की मांग को देखते हुए इस तरह के कलेक्शन भी बाजार में लाये गये हैं.

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लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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