Jharkhand Ministers Death: झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का 54 वर्ष की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया. उनके निधन से पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है. सुदिव्य कुमार सोनू उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास तथा पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
सुदिव्य कुमार सोनू 11 मई 2025 को प्रभात खबर के धनबाद कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम 'प्रभात संवाद' में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने झारखंड के विकास, सरकार की प्राथमिकताओं और राज्य के भविष्य को लेकर खुलकर अपनी बात रखी थी. उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा था कि उनका सपना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ और उनके निर्देशन में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है.
राज्य के विकास को लेकर साझा की थी अपनी सोच
प्रभात संवाद के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी. उन्होंने सरकार की योजनाओं, विकास की दिशा और आने वाली चुनौतियों को लेकर अपनी बात रखी. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रभात खबर के कार्यों की भी सराहना की थी. उन्होंने राज्य के विकास के साथ सामाजिक सरोकारों को लेकर प्रभात खबर की भूमिका की प्रशंसा की.
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स्वास्थ्य व्यवस्था में मानव संसाधन को बताया था जरूरी
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूछे गये सवाल पर सुदिव्य कुमार सोनू ने तकनीक के साथ मानव संसाधन की जरूरत पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि केवल एआई डॉक्टर के माध्यम से मरीज को संतुष्ट नहीं किया जा सकता. मरीज के मन में डॉक्टर की जो छवि बनी होती है, उसके सामने डॉक्टर का होना और उसके सवालों का जवाब देकर उसे संतुष्ट करना भी इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
उन्होंने कहा था कि जब तक प्रशिक्षित डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक केवल आधारभूत संरचनाओं के निर्माण से लोगों का इलाज बेहतर तरीके से नहीं हो सकता. उनके अनुसार मरीज का इलाज डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ ही करते हैं. तकनीक एक पहल है और आने वाले समय में इसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन इसके परिणाम रातोंरात मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
मंत्री ने कहा था कि मानव संसाधन के मामले में झारखंड को आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है. जब तक झारखंड के बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर नहीं बनेंगे, तब तक उन्हें राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार करना आसान नहीं होगा. उन्होंने माना था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए अभी और बेहतर काम करने की आवश्यकता है. परिस्थितियों को बेहतर बनाने के बाद ही राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार लाया जा सकेगा.
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खेल के विकास में आधारभूत संरचना और मानव संसाधन दोनों जरूरी
खेल को लेकर भी सुदिव्य कुमार सोनू ने अपनी सोच साझा की थी. उन्होंने कहा था कि 25 वर्ष के युवा राज्य झारखंड ने विकास की दिशा में कुछ रास्ते तय कर लिए हैं, जबकि कई मंजिलें अभी भी बाकी हैं. उनके अनुसार खेल के क्षेत्र में भी आधारभूत संरचना के साथ मानव संसाधन को मजबूत करना जरूरी है.
उन्होंने कहा था कि किसी भी सफलता के लिए आधारभूत संरचना और मानव संसाधन दोनों की भूमिका बराबर है. मंत्री अनुसार इसे 50-50 फीसदी के रूप में देखा जा सकता है. जितनी जरूरत खेल के लिए बेहतर आधारभूत संरचना की है, उतनी ही आवश्यकता प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की भी है.
गरीब परिवारों से निकलती हैं कई प्रतिभाएं
सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रतिभाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही थी. उन्होंने कहा था कि प्रतिभाएं किसी चौहद्दी या सीमा की मोहताज नहीं होती. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि प्रतिभाएं गरीब परिवारों से निकलकर सामने आती हैं और बेहतर अवसर मिलने पर अपनी पहचान बनाती हैं.
उनकी बातों में झारखंड के युवाओं, खेल प्रतिभाओं और राज्य के विकास को लेकर स्पष्ट सोच दिखाई देती थी. 11 मई 2025 को प्रभात संवाद में उनके द्वारा रखे गये विचार अब उनके निधन के बाद उनकी यादों और उनके विकास के विजन के रूप में लोगों के बीच रह गए हैं.
