जमशेदपुर से कुमार आनंद की रिपोर्ट
Jamshedpur News: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश शरद चंद्र सोनक तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार सुबह यानी 3 अप्रैल को जमशेदपुर शहर पहुंचे थे. स्थानीय परिसदन पहुंचने पर उन्हें प्रॉटोकाल के मुताबिक गार्ड ऑफ ऑर्नर दिया गया था. चीफ जस्टिस श्री सोनक के साथ सत्य प्रकाश सिन्हा रजिस्ट्रार जनरल भी शामिल थे. इससे पूर्व जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय, पूर्वी सिंहभूम डीसी कर्ण सत्यार्थी, एसएसपी पीयूष पांडेय ने स्वागत किया था. साथ ही झारखंड की प्राचीन संस्कृति व परंपरा के अनुसार बालिकाओं ने अतिथि का स्वागत छऊ नृत्य व नगाढ़ा-ढोला के साथ किया था.
चीफ जस्टिस का दौरा व निरीक्षण
इसके बाद चीफ जस्टिस श्री सोनक आधारिक दौरे के अनुसार सोनारी स्थित ट्राइबल कल्चर सोसाइटी के ट्रैवल म्यूजियम के लिए रवाना हो गए थे. इसके बाद उनका कार्यक्रम साकची स्थित कॉइन म्यूजियम, बिष्टुपुर रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस और टेल्को स्थित टाटा मोटर्स प्लांट के भ्रमण का है. इस अवसर पर जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश के अलावा सीजेएम विशाल गौरव, डासला सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी, एसपी कुमार शिवाशीष, एसडीओ अर्णव मिश्रा, डीटीओ धनंजय और कार्यपालक दंडाधिकारी चंद्रजीत सिंह सहित कई न्यायिक और प्रशासनिक-पुलिस अधिकारी उपस्थित थे. मालूम हो कि झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री सोनक का तीन दिवसीय दौरा जमशेदपुर के अलावा घाटशिला, सरायकेला, चाईबासा, चक्रधरपुर और नोवामुंडी तक फैला है, जिसमें सरायकेला और चाईबासा कोर्ट का निरीक्षण भी शामिल है.
चीफ जस्टिस ने नगाढ़ा व मादर को बजाया
चीफ जस्टिस श्री सोनक के स्वागत में झारखंडी पहचान और संस्कृति के अनुरूप आदिवासी छात्राओं और युवतियों ने नगाढ़ा और मादर के साथ छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी थी. स्वागत समारोह के बाद, चीफ जस्टिस श्री सोनक ने परिसदन के कॉरिडोर में थोड़ी देर के लिए नगाढ़ा और मादर बजाकर स्थानीय संगीत का अनुभव किया. इसके अलावा, उन्होंने आदिवासी कलाकारों से नगाढ़ा-मादर बजाने के तरीके और इससे जुड़ी अन्य जानकारी के बारे में भी सहज बातचीत की थी. इस दौरान न केवल चीफ जस्टिस, बल्कि कलाकारों और सभी उपस्थित लोगों के चेहरे पर भी खुशी साफ झलक रही थी.
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