झारखंड की नई सहकारिता नीति का ड्राफ्ट तैयार, हर परिवार को सहकारिता से जोड़ने पर जोर

झारखंड सरकार ने राज्य के सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए झारखंड राज्य सहकारिता नीति-2025 का ड्राफ्ट तैयार किया है. यह नीति 'सहकारिता से समृद्धि' की परिकल्पना को साकार करेगी.

Jharkhand Cooperative Policy 2025: झारखंड सरकार ने राज्य के सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए झारखंड राज्य सहकारिता नीति-2025 का ड्राफ्ट तैयार किया है. केंद्र सरकार की "राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025" के अनुरूप इसे तैयार किया गया है. यह नीति राज्य में "सहकारिता से समृद्धि" की परिकल्पना को साकार करने और वर्ष 2047 तक "विकसित भारत" के लक्ष्य में योगदान देने के उद्देश्य से लागू की गयी है.

माइक्रोग्रिड से पर्यटन तक, नई सहकारिताओं पर जोर 

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की  के अनुमोदन और सचिव अबूबकर सिद्दीख के निर्देशन में गठित नौ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने इस नीति का मसौदा तैयार किया है. माइक्रोग्रिड, सौर ऊर्जा, बायो-गैस, जन औषधि केंद्र, पेट्रोल पंप, पर्यटन और "जस्ट ट्रांजिशन" के तहत खनन प्रभावित क्षेत्रों में नयी सहकारिताओं की स्थापना की संभावना पर भी काम किया जायेगा. सहकारिता नीति में हर परिवार को जोड़ने पर विचार किया गया है.

मात्र 35 फीसदी परिवार ही जुड़े हैं सहकारिता से

वर्तमान में 11,988 निबंधित सहकारी समितियां हैं, जिनमें से 7,903 कार्यरत हैं. राज्य के कुल 76.77 लाख परिवारों के मुकाबले वर्तमान में केवल 35.89 फीसदी परिवार ही सहकारिता से जुड़े हैं. इस नीति का प्राथमिक लक्ष्य राज्य के शत-प्रतिशत ग्रामीण और शहरी परिवारों को सहकारिता के दायरे में लाना है. सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के कई उपाय किये गये हैं. लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाये रखने के लिए पारदर्शी चुनाव, नामांकनों का सरलीकरण और डिजिटल तकनीकों का समावेश गया है. झारखंड के नेचुरल प्रोडक्ट्स व स्थानीय उत्पादों (जैसे सोहराय, कोहवर पेंटिंग, लाह, महुआ, शहद) की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग की रूपरेखा भी तैयार की गयी है. को-ऑपरेटिव स्टैक का गठन, ओएनडीसी एवं जेम पोर्टल से जुड़ाव और इ-पैक्स का पारदर्शी सिस्टम ऑडिट सिस्टम को भी इस नीति में शामिल किया गया है. अनुसूचित जनजाति बहुल अधिसूचित क्षेत्रों में प्राथमिक समितियों के अध्यक्ष का पद एसटी समुदाय के लिए आरक्षित करने तथा महिलाओं और दिव्यांगजनों की भागीदारी बढ़ाने की रूपरेखा भी इस मसौदा में है. 

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पाठ्‌यक्रम में भी शामिल होगा सहकारिता विषय 

स्कूली पाठ्यक्रमों में सहकारिता विषय को शामिल करना, कौशल विकास और युवाओं के लिए डिजिटल रोजगार प्लेटफॉर्म की शुरुआत सहकारिता के माध्यम से होगी किसानों और कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान इस मसौदा में शामिल किया गया है. नीति में पैक्स स्तर पर 100 एमटी और 2500 एमटी क्षमता के अनाज गोदामों के निर्माण और "विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना" से जुड़ाव पर जोर दिया गया है. इसके अलावा, पारंपरिक मत्स्यजीवियों और बुनकरों के लिए विशेष प्राथमिकता तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को एमपीसीएस की सदस्यता से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया गया है. 

सहकारिता मंत्री होंगे सहकारिता नीति संचालन समिति के अध्यक्ष

सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में 'राज्य सहकारी नीति संचालन समिति' और सहकारिता सचिव की अध्यक्षता में 'कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति' का गठन किया जायेगा. झारखंड की यह नयी सहकारिता नीति राज्य के संसाधनों, परंपराओं और आधुनिक तकनीक का एक अनूठा संगम है, जो आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल प्रदान करेगी. 

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लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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