महिला जनप्रतिनिधि अपने में जगायें आत्मविश्वास, खुद से करें दायित्वों का निर्वहन

जामताड़ा. समाहरणालय सभागार में सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान (एंपावर्ड वीमन पंचायत लीडर कैंपेन) विषय पर जिलास्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ.

एंपावर्ड वीमन पंचायत लीडर कैंपेन विषय पर कार्यशाला का आयोजन, बोले डीसी संवाददाता, जामताड़ा. समाहरणालय सभागार में सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान (एंपावर्ड वीमन पंचायत लीडर कैंपेन) विषय पर जिलास्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ. इसका शुभारंभ डीसी रवि आनंद, जिप अध्यक्ष राधारानी सोरेन, डीडीसी निरंजन कुमार, जिप उपाध्यक्ष फूल कुमारी देवी ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर डीसी रवि आनंद ने बताया कि “सशक्त पंचायत -नेत्री अभियान पर 21 जुलाई से जामताड़ा जिला के सभी निर्वाचित महिला मुखियाओं एवं वार्ड सदस्यों को प्रमंडलीय प्रशिक्षण संस्थान, जसीडीह, देवघर में तीन दिवसीय मॉड्यूल बेस्ड प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है. इसी के मद्देनजर इस कार्यशाला आयोजन किया गया है. कहा कि पिछले दिनों जिले के डीडीसी एवं जिप अध्यक्ष को राज्यस्तर से पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. यह बहुत ही गर्व की बात है. आगे भी इसी तरह से कार्य किए जायेंगे. झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायती राज की संरचना है. यहां 50 प्रतिशत महिला जनप्रतिनिधि अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं, जो गर्व की बात है. आज से 15-20 साल पहले महिलाओं की संख्या काफी कम थी. हर जगह पुरुष के रहने से महिलाएं अपनी समस्याओं को उचित रूप से रख नहीं पाती थीं. सरकार की ओर से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. आज महिलाएं आगे बढ़ रही हैं. अपनी समस्याओं को रख रहीं हैं, परंतु विडंबना है कि बहुत सारी ऐसी निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि अभी भी अपने काम को ढंग से नहीं कर पा रही हैं, तभी यह कांसेप्ट आता है मुखिया पति, सरपंच पति, मतलब नाम के लिए सिर्फ आप कुर्सी पर हैं. सारा काम आपके पति कर रहे हैं. जो आरक्षण सरकार से मिला है, उसका उद्देश्य यही है कि जिस कुर्सी पर आप हैं, उसके दायित्वों को खुद से निर्वहन करें. चीजों को समझते हुए कार्य करें. उन्होंने महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण देते हुए कहा कि 2-3 वर्ष पहले मेरी पोस्टिंग गुमला जिले में हुई थी. वहां के एक पंचायत की मुखिया महिला थी. आइएएस परीक्षा के क्रम में बने मित्र ने फोन कर बताया कि गुमला ही मेरा घर है, और मेरी मां मुखिया है. आप सोचिए एक महिला होकर न सिर्फ अपने बेटे को आगे बढ़ाया, बल्कि उस पंचायत के सभी इंडिकेटर में अन्य से बेहतर था. आप लोग भी जनप्रतिनिधि के रूप में स्वयं के भीतर विश्वास जगाएं, चीजों को समझें. योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर हरेक बिंदुओं पर गहनता से जानकारी लेकर कार्य करें, ताकि आपके साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं में भी कॉन्फिडेंस विकसित हो सके. महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार कर रही प्रयास : डीडीसी डीडीसी निरंजन कुमार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. कहा कि आज हरेक क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों को विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी. मौके पर जिला भू अर्जन पदाधिकारी सत्यप्रकाश, डीपीआरओ पंकज कुमार रवि सहित अन्य थे.

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Published by: Umesh kumar

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