प्रतिनिधि, जामताड़ा: मतदाता सूची SIR-2026 के तहत क्लेम एंड ऑब्जेक्शन, नोटिस और वेरिफिकेशन से संबंधित सुनवाई को लेकर करमाटांड़ अंचल कार्यालय ने सख्त आदेश जारी किया है. पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत निर्धारित सुनवाई स्थलों पर प्रतिनियुक्त संबंधित कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य की गयी है.
यह पुनरीक्षण कार्यक्रम 5 अगस्त से 14 अक्तूबर तक चलेगा. इसी दौरान मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियों की सुनवाई के साथ नोटिस और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
सुबह 9 बजे से सुनवाई खत्म होने तक रहना होगा मौजूद
सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी करमाटांड़ चोनाराम हेंब्रम की ओर से जारी आदेश में जामताड़ा एवं सारठ विधानसभा क्षेत्र के प्रखंड अंतर्गत सभी मतदान केंद्रों से जुड़े BLO Supervisor, कंप्यूटर ऑपरेटर, शिक्षक एवं अन्य कर्मियों को निर्धारित सुनवाई स्थल पर सुबह 9 बजे से सुनवाई समाप्त होने तक मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई से संबंधित कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
संबंधित मतदान केंद्र के BLO Supervisor की मौजूदगी जरूरी
आदेश के अनुसार सुनवाई के दिन संबंधित मतदान केंद्र के BLO Supervisor को सुनवाई स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा.
वहीं अन्य BLO Supervisor अपने-अपने संबंधित BLO और टीम के कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित कर नोटिस का तामिला सुनिश्चित करेंगे. इसके साथ ही प्रपत्र-6, 7 और 8 के ऑनलाइन कार्य को भी समय पर पूरा कराने की जिम्मेदारी होगी.
शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर भी रहेंगे तैनात
प्रतिनियुक्त शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटरों को संबंधित AERO/ERO के साथ सुनवाई स्थल पर रहकर काम करना होगा.
मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े दावे, आपत्तियां, नोटिस और सत्यापन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी संबंधित कर्मियों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है.
गैरहाजिरी और लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
अंचल कार्यालय के आदेश में कर्मचारियों को साफ चेतावनी दी गयी है कि सुनवाई स्थल से अनुपस्थित रहने अथवा कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
ऐसे मामलों में संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा. आदेश के बाद पुनरीक्षण कार्य में लगे कर्मियों की जिम्मेदारी और बढ़ गयी है.
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में दावे और आपत्तियों की सुनवाई को महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है. ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है.
