वोट की चोरी करने वाले राष्ट्रभक्त नहीं हो सकते : पूर्व सांसद

जामताड़ा. पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि राष्ट्र भक्ति और राष्ट्रवाद केवल शब्द नहीं, बल्कि एक गहरी भावना और जीवन जीने का तरीका है.

संवाददाता, जामताड़ा. पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि राष्ट्र भक्ति और राष्ट्रवाद केवल शब्द नहीं, बल्कि एक गहरी भावना और जीवन जीने का तरीका है. उन्होंने कहा कि सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाने से कोई राष्ट्रभक्त नहीं बन जाता और न ही केवल “जन गण मन ” गा लेने या माथे पर तिलक लगाने से देशभक्ति साबित होता है. कहा कि अगर राष्ट्र भक्ति और राष्ट्रवाद को सच में समझना है, तो महात्मा गांधी की नीतियों को पढ़ना, समझना और आत्मसात करना होगा. पूर्व सांसद ने भाजपा के “हर घर तिरंगा ” कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल वोट बैंक की राजनीति है, जो आरएसएस और गोडसे की सोच पर आधारित एक दिखावा है. गुजरात से हजारों झंडे मंगवाने का मकसद देशभक्ति नहीं, बल्कि व्यापार और वोट बटोरना है. उन्होंने कहा, “सच्चा हिंदुस्तानी हमेशा से तिरंगे को सम्मान और गर्व के साथ फहराता आया है, उसे किसी प्रचार की जरूरत नहीं होती. भाजपा पर लोकतंत्र और संविधान से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए कहा वोट चोरी करने वाले राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता, जो लोग जनता का जनादेश चुरा सकते हैं, वे संविधान की रक्षा नहीं कर सकते, और उनसे सच्ची देशभक्ति की उम्मीद करना बेमानी है. कहा जो संगठन खुद तिरंगे को अपनाने में 52 साल देर कर चुका, वह आज देश को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने चला है.

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Published by: Umesh kumar

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