आधुनिक विकास की ओर अग्रसर होने के साथ-साथ जमीन से जुड़े रहें आदिवासी : लोबिन मुर्मू

मांझी परगना सरदार महासभा व सिदो कान्हू मुर्मू सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया. जिप उपाध्यक्ष महेंद्र मंडल ने कहा कि आदिवासी समाज को चादर एवं फादर से बचाने की जरूरत है.

संवाददाता, जामताड़ा. जामताड़ा के गांधी मैदान में मांझी परगना सरदार महासभा एवं सिदो कान्हू मुर्मू सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया. मुख्य अतिथि के रूप में डीसी रवि आनंद, एसपी राजकुमार मेहता, डीडीसी निरंजन कुमार, एसी पूनम कच्छप, आईटीडीए निदेशक जुगनू मिंज, एसडीओ अनंत कुमार, सीओ अविश्वर मुर्मू ने सिदो कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. वहीं दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. विशिष्ट अतिथि के तौर पर लुगु बुरु घण्टा बाड़े धोरोम गाड़ के सचिव लोबिन मुर्मू, मरांग बुरु सावंता सुसार बैसी के सचिव सिकन्दर हेंब्रम, तेलकुपी बरनी घाट के सचिव बेल टुडू भी शामिल हुए. स्वागत भाषण आयोजन समिति के अध्यक्ष अमिता टुडू ने दिया. विशिष्ट अतिथि लोबिन मुर्मू ने आदिवासियों को आज आधुनिक विकास की ओर अग्रसर होने के साथ-साथ जमीन से जुड़े रहने की अपील की. कहा कि आज संतालों का सांस्कृतिक, धार्मिक आंदोलन वैश्विक हो गया है. विभिन्न देशों के लोगों की रुचि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक, सभ्यता एवं जीवन शैली की ओर बढ़ रही है. लोग हमारे बारे में जानना चाहते हैं. इसलिए हमें सजग प्रवक्ता बनने की चुनौती है. मरांग बुरु सावंता सुसार बैसी के सचिव सिकन्दर हेंब्रम ने संतालों की सबसे बड़ी आस्था का केन्द्र मरांग बुरु पर आये संकट एवं इसकी जो लड़ाई लड़ी जा रही है, उसकी स्थिति को साझा किया. बरनी घाट समिति के सचिव बेल टुडू ने बरनी घाट में किए जा रहे विकास की जानकारी दी. सभा को सिदो-कान्हू गाड़, जीतू डांगाल, जामताड़ा के मांझी हाड़ाम आनंद हांसदा, माध्यमिक शिक्षक संघ जामताड़ा जिला के सचिव सुधीर सोरेन, आदिवासी शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष दुलाल हांसदा, सचिव हेमलाल मुर्मू, कोषाध्यक्ष कुमुदिनी रूपा टुडु, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट जेबीसी विद्यालय के शिक्षक बलदेव मुर्मू, बीर मांझी एवं अवकाश प्राप्त शिक्षक हराधन मुर्मू, समाजसेवी सर्जन हांसदा, शहरडाल के मुखिया सुखेन्द्र टुडु आदि ने भी सम्बोधित किया. मांझी परगना सरदार महासभा के जामताड़ा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने कहा कि आदिवासियों को नशापन को त्यागकर शिक्षा की ओर उन्मुख होना होगा. पारम्परिक व्यवस्था के तहत ग्राम सभा को सशक्त बनाना पड़ेगा. सिदो कान्हू मुर्मू सेवा समिति जामताड़ा के अध्यक्ष आनंद टुडु ने कहा कि दिशोम गुरु के बताये रास्ते पर चलकर हम उनके नशामुक्त समाज बनाने का सपना को पूरा करें. समाजसेवी एवं राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के केंद्रीय प्रवक्ता संजय पाहन ने कहा कि हमें जल, जंगल, जमीन को बचाना होगा, उन्होंने नारा दिया ” अबकी जनगणना, दो करोड़ सरना “. जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी महेंद्र मंडल ने कहा कि आदिवासी समाज आज अपनी संस्कृति को बचा कर रखा है. यह बहुत बड़ी बात है. आदिवासी समाज को चादर एवं फादर से बचाने की जरूरत है. मंच का संचालन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सुनील कुमार बास्की एवं मनोज कुमार हांसदा ने किया. सभा के उपरांत में जनसमूह ने एक स्वर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न से विभूषित करने की मांग राष्ट्रपति से की. वहीं जामताड़ा समाहरणालय के समक्ष आदमकद कांस्य प्रतिमा लगाने का निर्णय लिया गया. इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया. मौके पर आयोजन समिति के सचिव वैद्यनाथ सोरेन, विलियम हांसदा, नाज़िर सोरेन, रामलाल मरांडी, बलदेव मुर्मू, बिजेंद्र मुर्मू, श्याम कुमार सोरेन, निर्मल सोरेन, निर्मल मरांडी, सुबोधन टुडू आदि थे.

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Published by: Umesh kumar

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