संवाददाता, जामताड़ा : रामगढ़ के नेमरा से शुरू हुई भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा गुरुवार को जामताड़ा पहुंची. पोसाई मोड़ पर यात्रा में शामिल देवेंद्र नाथ महतो समेत अन्य सदस्यों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभियान की शुरुआत की. इसके बाद यात्रा जामताड़ा शहर में पहुंची. सुभाष चौक, टावर चौक और इंदिरा चौक पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को यात्रा के उद्देश्य और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांगों से अवगत कराया गया.
22 परीक्षाएं रद्द, 17 की जांच और छह पर रोक
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड में चौकीदार से लेकर बड़े पदों तक हुई कई नियुक्तियों में धांधली और पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं. छात्र आंदोलन के कारण राज्य में 25 परीक्षाओं पर कार्रवाई हुई. इनमें 22 परीक्षाएं रद्द, 17 की जांच और छह परीक्षाओं पर रोक लगी. उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन के कारण इतनी बड़ी कार्रवाई देश में कहीं और नहीं हुई है.
उन्होंने कहा कि बाद में कुछ परीक्षाओं पर अदालत की रोक लगने से छात्रों में निराशा पैदा हुई. इसी निराशा और आशंकाओं को लेकर 24 जिलों की यात्रा शुरू की गयी है.
यात्रा नहीं, युवाओं के भविष्य की लड़ाई
देवेंद्र महतो ने कहा कि यह सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि झारखंड के स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पेपर लीक पर रोक लगाने का संकल्प है. उन्होंने कहा कि सरकार का फैसला अंतिम स्तर तक लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
फिर आश्वासन दिया तो होगा चक्का जाम
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को एक बार फिर आश्वासन देकर ठगने का प्रयास किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. जरूरत पड़ी तो चक्का जाम से लेकर झारखंड बंद तक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जयराम महतो का समर्थन भी इस आंदोलन के साथ है.
26 साल में किसी दल ने उम्मीद के मुताबिक काम नहीं किया
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड गठन के 26 वर्षों में भाजपा, झामुमो, कांग्रेस और आजसू समेत किसी भी राजनीतिक दल ने झारखंड हित में अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन अब देश में एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है और इसे दबाया नहीं जा सकता.
उन्होंने झारखंड आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में भी आंदोलनकारियों पर तरह-तरह के आरोप लगाए जाते थे, लेकिन इससे संघर्ष करने वालों को कोई फर्क नहीं पड़ा. उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती व्यवस्था में सुधार और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.
