जामताड़ा. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष राधा कृष्ण ने सर्वोच्च न्यायालय से निर्गत मध्यस्थता प्रमाण-पत्र दो मेडिएटर मुकेश कुमार सिंह एवं चंडीदास पुरी को सौंपा. पीडीजे राधा कृष्ण ने कहा कि मध्यस्थता स्वैच्छिक एवं पक्ष करों द्वारा दी जाने वाली सलाह की प्रक्रिया है, जिसमें कोई तीसरा निष्पक्ष व्यक्ति, जिसे मध्यस्थ कहा जाता है. वहीं मध्यस्थ आप लोग हैं, जो निष्पक्ष होकर दोनों की बातों को सुनकर मामला निष्पादन करवाने में सहयोग करते हैं. डालसा सचिव पवन कुमार ने कहा कि मध्यस्थता में पक्षकार स्वयं यह तय करते हैं कि समझौता करना चाहते हैं या नहीं. समझौते का शर्त भी पक्षकार ही तय करते हैं. कहा कि मध्यस्थता की वार्ता को गोपनीय रखा जाता है. मौके पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेश कुमार, जिला जज प्रथम संतोष कुमार, जिला जज तृतीय अजय कुमार श्रीवास्तव उपस्थित थे.
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