रंजीत यादव, मिहिजाम: मिहिजाम नगर में इस वर्ष गणेश पूजा को भव्य रूप देने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. करीब 46 वर्ष पुरानी गणेश पूजा इस बार अपने 46वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. पूजा और मेले के आयोजन के लिए करीब 11 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.
आयोजन का मुख्य आकर्षण 80 फीट ऊंचा और 75 फीट चौड़ा विशाल पूजा पंडाल होगा. पंडाल निर्माण के साथ आकर्षक सजावट और विद्युत व्यवस्था का काम भी तेजी से कराया जा रहा है.
80 फीट ऊंचा पंडाल बनेगा आकर्षण का केंद्र
गणेश पूजा के दौरान विशाल पंडाल श्रद्धालुओं और लोगों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा. पंडाल को भव्य स्वरूप देने के लिए निर्माण के साथ सजावट का काम भी चल रहा है.
आयोजकों के अनुसार पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है. मिहिजाम के अलावा पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
पूजा के साथ लगेगा भव्य मेला
गणेश पूजा के अवसर पर पूजा-अर्चना के साथ भव्य मेले का भी आयोजन किया जाएगा. मेला परिसर में विभिन्न प्रकार की दुकानें, खान-पान के स्टॉल और मनोरंजन के साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे.
परिवार के साथ मेले में पहुंचने वाले लोगों के लिए अलग-अलग तरह के मनोरंजन और खरीदारी की व्यवस्था की जा रही है. आयोजन समिति मेले को यादगार बनाने की तैयारी में जुटी है.
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मेला परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये जा रहे हैं.
पूरे परिसर की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे. पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के साथ जगह-जगह स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी. पुलिस प्रशासन की निगरानी में भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था रहेगी.
आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल और एंबुलेंस की व्यवस्था रखने की भी तैयारी है.
46 साल से जारी है गणेश पूजा की परंपरा
मिहिजाम में करीब साढ़े चार दशक से आयोजित हो रही गणेश पूजा अब शहर की धार्मिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुकी है.
पूजा समिति के लाइसेंसधारी एवं पूर्व नगर अध्यक्ष कमल गुप्ता, अध्यक्ष संदीप शर्मा, सचिव बाबू गिरी, विजय कृष्ण शाव, कोषाध्यक्ष विजय कुमार सोनी, सुरेश राय और बालमुकुंद रविदास समेत अन्य सदस्य तैयारियों में जुटे हैं.
समिति के सदस्यों का कहना है कि इस बार पूजा और मेले को पहले से अधिक भव्य बनाने की तैयारी है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा.
