प्रतिनिधि, कुंडहित. बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न चक्रवात के प्रभाव से कुंडहित प्रखंड क्षेत्र में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है. सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और महापर्व दुर्गा पूजा के दौरान भी इसका असर स्पष्ट रूप से देखा गया. प्रखंड क्षेत्र के जलाशय झमाझम बारिश से पानी से भर गए हैं. कई नदी-नाले, कुएं, तालाब और खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के कारण क्षेत्र के कुछ कच्चे मकान ढह गए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ रही है. लगातार वर्षा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बहादुर सोरेन, मोहन मंडल, अनिल बाउरी, कृष्णा हजारी, वासुदेव मुर्मू और विनोद मंडल जैसे किसानों ने बताया कि खेतों में लगे धान के पौधों को गंभीर नुकसान हो रहा है. कई स्थानों पर फसल में रोग लगने से पौधे नष्ट हो गये हैं. किसानों का कहना है कि यह समय धान के विकास का है, लेकिन निरंतर हो रही बारिश से फसल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. यदि यही स्थिति बनी रही तो इस वर्ष उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्षेत्र में कृषि आधारित जीवनशैली पर संकट मंडरा रहा है और लोग प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं. मौसम की इस मार ने न केवल आजीविका को प्रभावित किया है, बल्कि लोगों के मन में असुरक्षा और चिंता भी बढ़ा दी है.
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