जामताड़ा : खान एवं खनिज विकास और विनियमन संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में मंगलवार को जामताड़ा एसडीएम कार्यालय के समक्ष वामपंथी दलों की ओर से एक दिवसीय धरना दिया गया. धरने की अध्यक्षता सीपीआई के जिला सचिव गौर रवानी ने की. इस दौरान वामदलों के नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए विधेयक को झारखंड के हितों के खिलाफ बताया.
बिना पर्याप्त बहस विधेयक पारित करने का आरोप
धरना को संबोधित करते हुए सीपीएम नेता चंडी दास पुरी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा. नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने वर्षाकालीन सत्र में बिना पर्याप्त बहस के एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को पारित कराया है. उन्होंने कहा कि विधेयक कानून बनने से झारखंड को सालाना करीब 13 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है.
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर असर की आशंका
वामदलों के नेताओं ने कहा कि राजस्व में कमी का असर गरीबों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पड़ सकता है. नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
31 अगस्त तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ झारखंड में 25 से 31 अगस्त तक चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है. इस दौरान धरना, जुलूस और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. 27 अगस्त को नाला और 28 अगस्त को कुंडहित में जुलूस समेत अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जाने की जानकारी दी गयी.
इन नेताओं ने किया संबोधित
धरना को सुरजीत सिन्हा, सीपीआई के कन्हाई माल पहाड़िया, तरुण कुमार मंडल तथा फॉरवर्ड ब्लॉक के अरुण कुमार मंडल ने भी संबोधित किया. मौके पर सीपीएम के सचिन राना, संजय मेहता, सुजीत माजी, अशोक भंडारी, बुधु मरांडी, सीपीआई के आयन कुमार माजी, नदिया मंडल, कानाई माजी, मिलन कुमार मंडल, मिहिर मंडल, फॉरवर्ड ब्लॉक के सुखदेव सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
