कर्मयोगी योजना से आदिवासी समुदाय का होगा समग्र विकास : डीसी

जामताड़ा. समाहरणालय सभागार में डीसी रवि आनंद की अध्यक्षता में जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार से संचालित योजनाओं व कार्यों की समीक्षा हुई.

जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार से संचालित योजनाओं की हुई समीक्षा संवाददाता, जामताड़ा. समाहरणालय सभागार में डीसी रवि आनंद की अध्यक्षता में जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार से संचालित योजनाओं व कार्यों की समीक्षा हुई. डीसी ने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के समग्र विकास एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है. इसका उद्देश्य आदिवासी नेतृत्व को सशक्त बनाना है, साथ ही हर परिवार तक शीघ्रता से सेवाएं पहुंचाना है. बताया कि यह तीन स्तंभों पर आधारित है, आदि कर्मयोगी (सरकारी अधिकारी), आदि सहयोगी (युवा, शिक्षक, डॉक्टर) और आदि साथी (स्वयंसेवक, बुजुर्ग). बताया कि इसके लिए जिला एवं प्रखंडस्तर पर मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जायेगा. अभियान का उद्देश्य उत्तरदायी, पारदर्शी और जवाबदेह शासन को बढ़ावा देना, निचले स्तर से ऊपर की ओर परिकल्पना (विजनिंग) और सहभागी योजना को सुगम बनाना, सक्रिय शिकायत निवारण और प्रतिक्रिया प्रणालियों को संस्थागत बनाना, केंद्र और राज्य योजनाओं के सहयोगात्मक कार्यान्वयन को सक्षम बनाना, विकसित भारत @2047 के अनुरूप सूक्ष्म स्तरीय विजनिंग अभ्यासों को आगे बढ़ाना है. साथ ही बस्ती से लेकर राज्य तक बहुस्तरीय नेतृत्व संरचना स्थापित करना, अभिसरण के माध्यम से अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना (जैसे पीएम-जनमन, धरती आबा अभियान, सिकल सेल मिशन, इएमआरएस, छात्रवृत्ति आदि) उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए आदिवासी बाहुल्य गांवों को क्लस्टर चिह्नित करते हुए प्रत्येक आदिवासी बाहुल्य गांवों में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जायेंगे. ये केंद्र लोक कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण स्थान होगा. इन केंद्रों की स्थापना प्रत्येक चयनित गांवों में की जायेगी. आदि सेवा केंद्र, आदि कर्मयोगी अभियान का एक अभिन्न अंग है, जो सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करेगा. इन केंद्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी. उन्होंने अधिकारियों को आदि कर्मयोगी अभियान के निमित्त क्लस्टर एवं आदि सेवा केंद्रों को नामित करते हुए तत्संबंधी प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा. मौके पर डीडीसी निरंजन कुमार, निदेशक आइटीडीए जुगनू मिंज, एसडीओ अनंत कुमार सहित अन्य थे.

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Published by: Umesh kumar

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