संवाददाता, जामताड़ा: जिले के राजस्व तालाबों और जलकरों से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ राजस्व प्राप्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. जिला मत्स्य विभाग ने करमाटांड़, जामताड़ा और फतेहपुर अंचल के चार जलकरों की अल्पकालीन बंदोबस्ती के लिए सूचना जारी की है.
बंदोबस्ती 29 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे समाहरणालय स्थित अपर समाहर्त्ता के कार्यालय कक्ष में खुले डाक के माध्यम से होगी. इच्छुक बोलीदाता निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत डाक में हिस्सा ले सकेंगे.
चार जलकरों का क्या है विवरण?
जारी सूचना के अनुसार करमाटांड़ अंचल के बरमुण्डी गांव स्थित बोरवा बांध का कुल रकबा 4.10 एकड़ और जलक्षेत्र 3.92 एकड़ है. इसकी वार्षिक सुरक्षित जमा राशि 25,760 रुपये निर्धारित की गयी है.
फतेहपुर अंचल के जलाई गांव स्थित जलाई बांध का कुल रकबा 2.02 एकड़ है. वहीं चरकमारा गांव स्थित चरकमारा बांध का कुल रकबा 2.12 एकड़ और जलक्षेत्र 1.50 एकड़ है. चरकमारा बांध की वार्षिक सुरक्षित जमा राशि 18,050 रुपये तय की गयी है.
जामताड़ा अंचल के साहना गांव स्थित साहना बांध का कुल रकबा आठ एकड़ और जलक्षेत्र सात एकड़ है. इसकी वार्षिक सुरक्षित जमा राशि 80,300 रुपये निर्धारित की गयी है.
बोली लगाने वालों को जमा करनी होगी प्रतिभूति राशि
खुले डाक में भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को संबंधित जलकर की वार्षिक सुरक्षित जमा राशि का 10 प्रतिशत प्रतिभूति राशि के रूप में जमा करना होगा. पूर्व के बकायेदारों को डाक में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
डाक समाप्त होने के बाद सफल उच्चतम डाक वक्ता को छोड़कर अन्य प्रतिभागियों की प्रतिभूति राशि वापस कर दी जाएगी. वहीं सफल डाक वक्ता की प्रतिभूति राशि राजस्व में समायोजित की जाएगी.
सबसे ऊंची बोली की राशि तुरंत करनी होगी जमा
सफल डाक वक्ता को डाक समाप्ति के बाद तत्काल अपनी उच्चतम बोली की राशि जमा करनी होगी. इसके साथ प्रथम वर्ष की बंदोबस्ती राशि तथा नियमानुसार पंजीयन और एकरारनामा शुल्क भी जमा करना होगा.
यदि सफल डाक वक्ता निर्धारित राशि जमा नहीं करता है, तो नियमानुसार दूसरे और तीसरे सफल डाक वक्ता को बंदोबस्ती लेने का अवसर दिया जाएगा.
पहचान पत्र लाना अनिवार्य
डाक में भाग लेने वाले लोगों को सरकार द्वारा जारी वैध पहचान पत्र की मूल प्रति अथवा छायाप्रति साथ लाना अनिवार्य होगा.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक संबंधित समिति डाक लेने में सक्षम होने पर सुरक्षित जमा निर्धारण के आधार पर बंदोबस्ती की जाएगी.
मत्स्य पालन के साथ राजस्व बढ़ाने पर जोर
राजस्व तालाबों और जलकरों की बंदोबस्ती से एक ओर जहां इन जलस्रोतों का मत्स्य पालन के लिए उपयोग बढ़ाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व प्राप्ति भी होगी.
जिला मत्स्य पदाधिकारी को बिना कारण बताए डाक को रद्द या स्थगित करने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है.
