जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम शौच धर्म का किया पालन

दशलक्षण पर्व के चौथे दिन जैन श्रद्धालुओं ने उत्तम शौच धर्म मनाया.

मिहिजाम.दशलक्षण पर्व के चौथे दिन जैन श्रद्धालुओं ने उत्तम शौच धर्म मनाया. उत्तम शौच धर्म जैन धर्म के पांच महत्वपूर्ण धर्म में से एक है, जो जैन अनुयायियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इसका अर्थ शुद्धता या पवित्रता होता है जो शारीरिक मानसिक और आत्मिक स्तर पर शुद्धता का पालन करने के लिए प्रेरित करता है. पर्व के मौके पर जैन मंदिर में प्रातः भगवान शांतिनाथ का जल से मस्तिकाभिषेक, पूजन एवं आरती की गयी. श्रद्धालुओं ने बताया कि जब हमारे मन में लोभ कम होता है. असंतुष्टि, आकांक्षा आकृति कम होने पर उत्तम शौच सोच प्राप्त होता है. इस अवसर पर सांध्य पहर मंदिर में धर्म आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयेजित हुई. मौके पर जैन समाज के मंत्री अनिल जैन, अध्यक्ष अशोक छाबड़ा, नीरू जैन, संजय जैन, बबलू जैन, शकुंतला जैन, पूर्णिमा जैन, उषा जैन, सुमित्रा जैन आदि मौजूद थीं.

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