हूल दिवस सिदो-कान्हू के आदर्शों पर चलने की सीख देता है : वीरेंद्र मंडल

जामताड़ा. गांधी मैदान के समीप हूल क्रांति दिवस पर सिदो-कान्हू के आदमकद प्रतिमा पर भाजपा नगर ने माल्यार्पण कर नमन किया.

प्रतिनिधि, जामताड़ा. गांधी मैदान के समीप हूल क्रांति दिवस पर सिदो-कान्हू के आदमकद प्रतिमा पर भाजपा नगर ने माल्यार्पण कर नमन किया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा नेता एवं पूर्व नपं अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल मौजूद थे. उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत वीर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो की प्रतिमा पर पुष्प का माला अर्पण कर की. इन अमर बलिदानियों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया. वीरेंद्र मंडल ने कहा कि 1855 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सिदो-कान्हू के नेतृत्व में शुरू हुई हूल क्रांति भारत की पहली आदिवासी जनक्रांति थी. यह दिन न केवल हमारे आज़ादी की जड़ को मजबूत करने की प्रेरणा देता है, बल्कि हमें एकजुट होकर उनके आदर्शों पर चलने की भी सीख देता है. मौके पर भाजपा नगर अध्यक्ष गौर बाउरी, सुनील बाउरी, रंजीत राणा, नागेश्वर मंडल आदि कार्यकर्ता थे. माझी परगना महासभा ने सिदो-कान्हू को किया याद जामताड़ा. हूल दिवस पर माझी परगना सरदार महासभा के जामताड़ा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा एवं संरक्षक राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत शिक्षक सुनील कुमार बास्की ने शहीद सिदो-कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस दौरान उनके बलिदानों को याद किया. मौके पर जिप सदस्य जिमोली बास्की सहित अन्य भी माल्यार्पण कर नमन किया. सीपीआइएम कार्यकर्ताओं ने भी सिदो-कान्हू को किया नमन जामताड़ा. 170 वां हूल दिवस पर सोमवार को सीपीआइएम एवं सीटू के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से संताल हूल के महानायक सिदो-कान्हू की प्रतिमा में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. मौके पर चंडीदास पुरी ने कहा कि आज ही के दिन 1855 को महान योद्धा सिदो-कान्हूू के नेतृत्व में हजारों किसानों व मजदूरों संगठित होकर अंग्रेजों के शोषण के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था. सीटू के राज्य कमेटी सदस्य लखनलाल मंडल के नेतृत्व में संगोष्ठी का आयोजन हुआ.इसमें युवा नेता मोहन मंडल एवं सीपीआइएम के जिला सचिव सुजीत कुमार माजी ने हूल दिवस के महत्व पर अपने विचारों को रखा. मौजूदा केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में 9 जुलाई के राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल करने का आह्वान किया. मौके पर बुद्धू मरांडी, राजवीर सोरेन, निष्पत्ति शरेण, मैना सिंह, मकीना खातून, नूरजहां बीवी, दुबराज भंडारी, अशोक भंडारी, अनूप सरखेल, मालती देवी, सोनाराम राणा आदि थे.

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By UMESH KUMAR

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