हिंदी न सिर्फ संवाद का माध्यम है, बल्कि राष्ट्रीय पहचान है : आईटीडीए

हिंदी दिवस पर समारोह में परियोजना निदेशक ने कहा कि हिंदी न सिर्फ संवाद का माध्यम है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय पहचान भी है.

संवाददाता, जामताड़ा. राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर समाहरणालय सभागार में परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज की अध्यक्षता में परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर परियोजना निदेशक ने कहा कि हिंदी न सिर्फ संवाद का माध्यम है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय पहचान भी है. यह हमें प्राचीन परंपराओं के साथ मातृभाषा के रूप में भारतीय संस्कृति से जोड़ती है. उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में हिंदी सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरे नंबर की भाषा है. हिंदी पूरी तरह वैज्ञानिक भाषा है, जिसका प्रचार-प्रसार बढ़ाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य भी है. वहीं एसडीओ अनंत कुमार ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का असल उद्देश्य हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन को बढ़ावा देना है. उन्होंने सभी से हिंदी भाषा के भरपूर उपयोग और हिंदी के शुद्ध शब्दों का प्रयोग करने की अपील की. उन्होंने बच्चों से हिंदी के संदर्भ में प्रश्नोत्तरी कर बच्चों की प्रतिभा को सराहा. इस मौके पर परियोजना निदेशक आईटीडीए ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ ही स्कूली बच्चों को राजभाषा हिंदी का प्रयोग, प्रचार और प्रसार बढ़ाने तथा राजभाषा के संवर्द्धन के प्रति सदैव ऊर्जावान और निरंतर प्रयासरत रहने के लिए शपथ दिलायी. मौके पर कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत सोमा खंडैत सहित अन्य थे.

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Published by: Umesh kumar

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