संवाददाता, जामताड़ा. करमाटांड़ प्रखंड के 61 जनजातीय गांवों में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं, जिसका उद्देश्य आदिवासी समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर योजनाओं का चयन और क्रियान्वयन करना है. रविवार को आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को सर्वसम्मति से पारित किया. इस पहल में शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-प्रबंधन, आवास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, सड़क निर्माण और पेयजल जैसी आवश्यक योजनाओं को शामिल किया गया. आदि कर्मयोगी अभियान, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित एक जनजातीय केंद्रित योजना है, जिसका मुख्य लक्ष्य दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में नीतिगत भागीदारी को मजबूत करना और सामाजिक-आर्थिक सुधार लाना है. ग्राम सभाओं में पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण विकास पदाधिकारी, जनजातीय विभाग के अधिकारी और ग्राम संगठन के सदस्य उपस्थित थे. अधिकारियों ने योजना के महत्व को समझाया और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया. ग्राम सभा के पर्यवेक्षक सह जेई कमलेश कुमार ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत चयनित सभी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और प्रत्येक ग्रामसभा की सिफारिश के आधार पर उन्हें 2024-25 की कार्य योजना में शामिल किया जाएगा.
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