जामताड़ा: अखिल भारतीय स्तर पर वामपंथी किसान, मजदूर एवं खेतिहर मजदूर संगठनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को जामताड़ा में राष्ट्रव्यापी जेल भरो अभियान चलाया गया. तालकटोरा स्टेडियम, दिल्ली में लिए गए निर्णय के तहत आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों के बैनर तले कार्यकर्ता शामिल हुए.
कार्यकर्ताओं ने सीपीआइएम कार्यालय से जुलूस निकाला. जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अनुमंडल कार्यालय के समक्ष पहुंचा, जहां सभा का आयोजन हुआ. वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए किसानों और मजदूरों के हित में आवाज बुलंद की.
सुरजीत सिन्हा ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों से किए गए वादों से पीछे हट रही है. मजदूरों के शोषण को बढ़ावा देने के लिए श्रम कानूनों में बदलाव किया जा रहा है. स्थायी रोजगार के स्थान पर ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है. जल, जंगल और जमीन को कॉरपोरेट के हवाले करने की नीति अपनाने का भी आरोप लगाया.
महंगाई, कृषि लागत में वृद्धि और मनरेगा में रोजगार की स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया. उन्होंने बिजली विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 का विरोध करते हुए कहा कि जन आंदोलनों को दबाने के बजाय सरकार को जनता की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
मौके पर लखनलाल मंडल, चंडीदास पुरी, मोहन मंडल, सचिन राणा, सुशांत राय, सोमालाल मिर्धा, साबिर हुसैन, मैनेसर सोरेन, सुकुमार बाउरी, देबु चौधरी, जयप्रकाश मंडल, मैना सिंह, इब्राहिम अंसारी, ममता राणा, लखी सोरेन, लखीराम मुर्मू, अशोक भंडारी, प्रवीण शरण, अशोक राणा व चंदन साधु समेत अन्य मौजूद थे.
