सरकारी व निजी स्कूलों को स्वच्छ व हरित विद्यालय की मिलेगी रेटिंग

जामताड़ा. जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी, आवासीय, अल्पसंख्यक, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय व सीबीएसF मान्यता प्राप्त स्कूलों को अब स्वच्छ और हरित विद्यालय की रेटिंग (एसएचवीआर) मिलेगी.

स्कूलों के वातावरण को बेहतर बनाना है मुख्य उद्देश्य, आदेश जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पांचवीं वर्षगांठ पर एसएचवीआर का होगा मूल्यांकन संवाददाता, जामताड़ा. जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी, आवासीय, अल्पसंख्यक, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय व सीबीएसF मान्यता प्राप्त स्कूलों को अब स्वच्छ और हरित विद्यालय की रेटिंग (एसएचवीआर) मिलेगी. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. स्कूलों में स्वच्छता, स्वच्छ आदतों और पर्यावरण संरक्षण के उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक पहल है. इसके तहत 60 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन एवं मान्यता प्रदान की जायेगी. जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पांचवीं वर्षगांठ पर एसएचवीआर का मूल्यांकन हो रहा है. एसएचवीआर का मूल्यांकन छह श्रेणियों में किया जाना है. इनमें जल, शौचालय, साबुन से हाथ धोने, संचालन एवं अनुरक्षण, व्यवहार परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण, मिशन लाइफ गतिविधियां शामिल हैं. एसएचवीआर पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से स्कूलों का 20 सितंबर तक पंजीकरण करते हुए सबमिशन कर देना है. क्यूआर कोड से भी एप डाउनलोड होगा. परियोजना ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रखंड व जिलास्तर पर 100 फीसदी स्कूलों की भागीदारी सुनिश्चित करनी है. राज्य कार्यालय ने इस संबंध में शिड्यूल जारी कर दिया है. जिलास्तर पर सत्यापन कर स्कूलों का चयन करना है. 15 अक्तूबर 2025 तक पुरस्कार के लिए स्कूलों का चयन करना है. राज्यस्तर पर चयनित स्कूलों का सत्यापन एवं विद्यालयों का चयन सात दिसंबर व राष्ट्रीय स्तर के लिए स्कूलों का चयन का 7 दिसंबर तक करना है. राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी स्कूलों को अच्छे रेटिंग के लिए प्रेरित किया है.

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Published by: Umesh kumar

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