जामताड़ा : डीडीसी असीम किस्पोट्टा की अध्यक्षता में जिला कौशल समिति की बैठक हुई. बैठक में कौशल विकास, रोजगार के अवसरों के सृजन तथा युवाओं को एआई और अन्य उभरती तकनीकों से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गयी.
मानवीय क्षमता का विकल्प नहीं है एआई
डीडीसी ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रशासन, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य एवं जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव का माध्यम बन रही है. एआई का उद्देश्य मानवीय क्षमता का स्थान लेना नहीं, बल्कि मानव दक्षता और उपलब्ध संसाधनों को तकनीकी सहयोग देकर कार्यों को सरल, त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है.
एआई और डिजिटल तकनीक के प्रशिक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीकों से डाटा विश्लेषण, योजनाओं की निगरानी, लाभुकों से संबंधित सूचनाओं के बेहतर प्रबंधन, प्रशिक्षण तथा जन शिकायतों के अनुश्रवण में मदद मिल सकती है. उन्होंने युवाओं को एआई, डिजिटल तकनीक, डाटा एनालिटिक्स समेत अन्य उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया.
प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की पहल
डीडीसी ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभागों को समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया. स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध कौशल का उपयोग कर रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर भी चर्चा हुई.
बैठक में अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला नियोजन पदाधिकारी मो. जावेद अंसारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, यूएनडीपी के प्रवीण प्रकाश समेत संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे.
