सरसों की खेती में सल्फर की उपयोगिता से किसानों का कराया गया अवगत

जामताड़ा. एनएमइओ (तेल बीज) योजना ‘वैल्यू चेन पार्टनर’ के तहत आशा संस्थान की ओर से किसानों के लिए कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया.

वैल्यू चेन पार्टनर के तहत आशा संस्थान ने प्रशिक्षण का किया आयोजन संवाददाता, जामताड़ा. आत्मा कार्यालय के सभागार में गुरुवार को एनएमइओ (तेल बीज) योजना ‘वैल्यू चेन पार्टनर’ के तहत आशा संस्थान की ओर से किसानों के लिए कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण में किसानों को सरसों की वैज्ञानिक विधि से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. उन्हें आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया. कृषि विशेषज्ञों ने सरसों की खेती में सल्फर की उपयोगिता पर जानकारी दी. बताया कि सल्फर के उचित प्रयोग से सरसों की उपज में वृद्धि होती है. उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार आता है. वैज्ञानिक विधि से खेती अपनाने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है. प्रशिक्षण में किसानों को बीज चयन, मिट्टी की जांच, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई एवं रोग नियंत्रण से संबंधित तकनीकी सुझाव दिए गए. प्रशिक्षण के दौरान चयनित क्लस्टर के कुल 10 किसानों को कृषि मेपर ऐप के माध्यम से बीज वितरण किया गया. शेष किसानों के बीच बीज का वितरण डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट पर जाकर आशा संस्था की ओर से किया जायेगा. इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र जामताड़ा के वरीय वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) संजय कुमार सिंह, पौधा संरक्षण प्रवेक्षक समसुद्दीन अंसारी, बीटीएम इकबाल हुसैन, बीटीएम (कुंडहित) सुजीत सिंह, बीटीएम (नाला) गंगाधर मंडल, एटीएम अमीर हेंब्रम, आशा संस्था से परियोजना सहायक शबाना कासमी, विषय वस्तु विशेषज्ञ श्रेया हाजरा सहित किसान मौजूद रहे.

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By Umesh kumar

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