Jamtara: जामताड़ा समाहरणालय में फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर क्लर्क पद पर नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है. मामले में युवक के साथ उसके ससुर से भी पूछताछ की जा रही है. घटना के बाद कुछ देर के लिए समाहरणालय परिसर में हलचल मच गई. हिरासत में लिए गए युवक की पहचान गिरिडीह जिले के देवरी गांव निवासी रजाक अंसारी के रूप में हुई है. वहीं उसके ससुर अख्तर अंसारी को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. जानकारी के अनुसार, रजाक अंसारी अपने ससुर के साथ जामताड़ा समाहरणालय पहुंचा था और कथित तौर पर क्लर्क पद पर ज्वाइनिंग के लिए उपायुक्त कार्यालय की गोपनीय शाखा में अपना नियुक्ति पत्र प्रस्तुत किया.
अधिकारियों को हुआ संदेह
दस्तावेजों की जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ. गहन पड़ताल में नियुक्ति पत्र समेत अन्य कागजात में कई त्रुटियां और विसंगतियां सामने आईं, जिसके बाद तत्काल जामताड़ा थाना पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को थाना ले गए. प्रारंभिक जांच में पुलिस को युवक के पास से मिले अधिकांश दस्तावेज फर्जी प्रतीत हुए हैं. जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति पत्र पर उपायुक्त जामताड़ा के फर्जी हस्ताक्षर और नकली मोहर का इस्तेमाल किया गया था. इसके अलावा आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में भी कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं.
जांच में जुटी है पुलिस
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी नियुक्ति पत्र एवं दस्तावेज तैयार करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं. साथ ही इस फर्जीवाड़े से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है. मामले पर उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि एक अभ्यर्थी फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र के आधार पर ज्वाइनिंग के लिए समाहरणालय पहुंचा था. प्रथम दृष्टया मामला फर्जीवाड़े का प्रतीत होता है. उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा प्रशासन अपने स्तर पर विधिसम्मत कार्रवाई कर रहा है.
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