मिहिजाम : सीमावर्ती बंगाल के सलानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामचंद्रपुर सामुदायिक हाल में डीवीसी के पदाधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक में दोमदहा, कालीपाथर, वृंदावनी, पिताचारी, पीठाक्यारी सहित डीवीसी से विस्थापित हुए कई गांवों के ग्रामीण अपनी मांगों के समर्थन में पहुंचे थे. ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कहा कि जब तक डीवीसी डैम के कारण विस्थापित हुए ग्रामीणों को मुफ्त बिजली नहीं दी जाती, वे डीवीसी के नए सौर ऊर्जा संयंत्र नहीं लगने देंगे.
2012 में जमीन वापस करने का दिया था आश्वासन
ग्रामीणों ने कहा कि 2012 में डीवीसी ने जमीन वापस करने की बात कही थी, लेकिन आज तक ऐसा नहीं किया गया है. ग्रामीणों ने अपनी मांगों को बैठक में प्रमुखता से रखा.
मुफ्त बिजली सरकारी नीति का मामला : डीजीएम
इस संबंध में डीवीसी डीजीएम सुकुमार नायक ने कहा कि ग्रामीणों की सभी मांगों को देख लिया गया है. मुफ्त बिजली के बारे में उन्होंने कहा कि यह सरकारी नीति का मामला है. सरकार द्वारा नीति बनाने और निर्देश जारी करने के बाद ही डीवीसी प्रबंधन निर्णय ले सकता है. यह डीवीसी के हाथ में नहीं है.
सीएसआर फंड से होंगे विकास कार्य
डीजीएम ने विकास कार्यों को लेकर आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि गांव की सड़कों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और सामुदायिक भवन का काम सीएसआर फंड से किया जाएगा. इसके अलावा अभी मोबाइल मेडिकल वैन दो गांवों में जाती है. इसे बढ़ाकर तीन से चार गांवों तक किया जाएगा. नदी के बाएं स्थित स्कूल का जीर्णोद्धार किया जा रहा है.
स्थायी रोजगार देना संभव नहीं : डीजीएम रो
जगार के संबंध में उन्होंने कहा कि स्थायी रोजगार प्रदान करना संभव नहीं है. निर्माण कार्य कर रही लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के परियोजना ठेकेदार स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता देंगे.
मौके पर सलानपुर थाना प्रभारी विश्वजीत मंडल, प्रखंड विकास कार्यालय के पदाधिकारी दामोदर घाटी, वस्तुहारा संघर्ष समिति के सदस्य सहित अन्य उपस्थित थे.
