प्रतिनिधि, फतेहपुर. फतेहपुर प्रखंड सभागार में गुरुवार को आत्मा जामताड़ा की ओर से प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, इंटीग्रेटेड फार्मिंग, संतुलित उर्वरक के प्रयोग और फसल बीमा योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी कृषक मित्रों और सर्वेयरों को दी गयी. अधिकारियों ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया.
मिट्टी और फसल की जरूरत के अनुसार करें खाद का प्रयोग
प्रशिक्षण के दौरान आत्मा के उप परियोजना निदेशक संजय कुमार सिंह ने संतुलित उर्वरक के प्रयोग की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसानों को मिट्टी और फसल की आवश्यकता के अनुसार उचित मात्रा में और सही समय पर खाद का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर किया जा सकता है.
उन्होंने फसलों को विभिन्न रोगों से बचाने के उपायों की जानकारी देते हुए उचित दवा के चयन और इस्तेमाल के तरीके भी बताये.
डिजिटल क्रॉप सर्वे में एआई के उपयोग की दी जानकारी
बीटीएम कर्माटांड़ विजय कुमार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की प्रक्रिया समझायी. उन्होंने सर्वेयरों को सर्वे के दौरान फसल से संबंधित आवश्यक जानकारियां सही और निर्धारित तरीके से दर्ज करने के लिए जागरूक किया.
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से जुटाये जाने वाले आंकड़े कृषि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति समझने और भविष्य की योजनाएं तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
फसल बीमा योजना का बताया लाभ
प्रशिक्षण में किसानों को फसल बीमा योजना की भी जानकारी दी गयी. उन्हें बीमा कराने की प्रक्रिया और योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया. अधिकारियों ने किसानों से समय पर फसल का बीमा कराने की अपील की, ताकि प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल नुकसान होने की स्थिति में योजना का लाभ मिल सके.
वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगा उत्पादन और आय
अधिकारियों ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, संतुलित उर्वरक का प्रयोग करने और फसल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाकर किसान फसल उत्पादन के साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं.
कार्यक्रम में बीटीएम हिमांशु कुमार दास, डिजिटल क्रॉप सर्वे के सर्वेयर, कृषक मित्र सहित अन्य कर्मी मौजूद रहें.
