जामताड़ा शहर के बंद पड़े नगर भवन को चालू करने की उठी मांग

जामताड़ा जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए आमजनों ने अपनी समस्याओं को लेकर डीसी से गुहार लगायी.

संवाददाता, जामताड़ा. समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में डीसी रवि आनंद ने जनता दरबार का आयोजन कर आमजनों की समस्याओं को सुना. कुंडहित से आए फरियादी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में उसके पिताजी एवं माताजी की मृत्यु हो चुकी है एवं उन्हें दुर्घटना सहायता राशि नहीं मिल पायी है. डीसी ने इस पर संज्ञान लेते हुए डीटीओ से दूरभाष पर मामले की जानकारी ली एवं बताया कि उक्त परिवार को पूर्व में ही बीमा राशि मिल चुकी है एवं नियमानुसार अब उसे दुर्घटना सहायता राशि नहीं मिल सकती है. डीसी ने फरियादी एवं उसके छोटे भाई बहनों को तत्काल स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने के लिए डीसीपीओ को कहा. साथ ही कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नामांकन को लेकर निर्देशित किया. उन्होंने बताया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रत्येक माह 4000 रुपए मिलेंगे, जिससे पढ़ाई-लिखाई आदि में सहायता मिलेगी. कई फरियादियों ने अबुआ आवास के लिए आवेदन दिया. इसके अलावा मनरेगा से हुई नियुक्ति में अनियमितता को लेकर फरियादी ने आवेदन दिया, जिस पर डीसी ने डीडीसी को जांच का निर्देश दिया. वहीं आर्ट ऑफ लिविंग के जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर ने जामताड़ा शहर के बंद पड़े नगर भवन को चालू करने की मांग को रखा. उन्होंने कहा कि नगर भवन वर्षों से बंद पड़ा है, जबकि इसका निर्माण जामताड़ा वासियों के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया गया था. उन्होंने आग्रह किया कि इसे अविलंब चालू किया जाए. इसके अलावे कई फरियादी पहुंचे.

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By UMESH KUMAR

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