राजेश चौधरी, फतेहपुर : फतेहपुर प्रखंड के गोविंदपुर-साहेबगंज मुख्य हाइवे के किनारे खड़ा सूखा और जर्जर पेड़ कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. चापुड़िया पंचायत भवन से महज 20 मीटर और उच्च विद्यालय चापुड़िया से करीब 30 मीटर की दूरी पर स्थित इस पेड़ के नीचे से रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी और ग्रामीण गुजरते हैं. इसके बावजूद अब तक इसे हटाने की दिशा में ठोस पहल नहीं की गयी है.
तेज हवा-बारिश में गिरने का बना खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, पेड़ पूरी तरह सूख चुका है और इसकी जड़ें भी कमजोर हो गयी हैं. ऐसे में तेज हवा और बारिश के दौरान इसके गिरने की आशंका बनी रहती है. हाईवे पर दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही होती है. यदि पेड़ सड़क पर गिरा तो यातायात बाधित होने के साथ जान-माल के नुकसान की भी आशंका है.
स्कूल के समय बढ़ जाता है खतरा
उच्च विद्यालय चापुड़िया के समीप होने के कारण सुबह स्कूल जाने और छुट्टी के समय यहां विद्यार्थियों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में पेड़ गिरने की घटना हुई तो बड़ी संख्या में बच्चे इसकी चपेट में आ सकते हैं. इससे अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है.
मुखिया ने कहा- हादसे से पहले हटे पेड़
चापुड़िया पंचायत की मुखिया मेरिलता मरांडी ने कहा कि पंचायत भवन और विद्यालय के समीप सूखा पेड़ खड़ा रहना गंभीर चिंता का विषय है. यहां से रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे गुजरते हैं. उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल स्थल का निरीक्षण कर खतरनाक पेड़ को नियमानुसार हटाने की मांग की, ताकि किसी अनहोनी से पहले खतरे को टाला जा सके.
ग्रामीण बोले- हादसे का इंतजार क्यों?
ग्रामीणों ने भी प्रशासन और संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते खतरे को खत्म किया जाए. सूखे पेड़ को जल्द हटाने से विद्यार्थियों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी.
