प्रतिनिधि, मुरलीपहाड़ी. लालचंदडीह क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने स्थानीय लोहारों के जीवन को कठिन बना दिया है. शेड की अनुपस्थिति में वे खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोहे की सामग्री को तैयार करने की प्रक्रिया में तेज़ आँच पर गर्म करना और फिर निहाई पर रखकर हथौड़े से आकार देना शामिल होता है. लेकिन बारिश के कारण वातावरण गीला हो जाता है, जिससे यह प्रक्रिया बाधित होती है. गीले मौसम में लोहे को गर्म करना मुश्किल हो जाता है. बारिश का पानी उसे जल्दी ठंडा कर देता है, जिससे काम अधूरा रह जाता है. खुले में काम करने से उनकी उत्पादकता भी प्रभावित हो रही है. सामान्य दिनों की तुलना में बारिश के समय वे आधा भी काम नहीं कर पा रहे हैं. इसका सीधा असर उनकी रोज़मर्रा की आय पर पड़ रहा है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है. स्थानीय लोहारों का कहना है कि यदि उनके लिए स्थायी शेड की व्यवस्था की जाए, तो वे बारिश के मौसम में भी निर्बाध रूप से काम कर सकते हैं. इससे उनकी आय में सुधार होगा और लोहे की सामग्री की आपूर्ति भी नियमित बनी रहेगी. यह न केवल उनके जीवन को सहज बनाएगा, बल्कि क्षेत्र की पारंपरिक कारीगरी को भी संरक्षित रखने में मददगार होगा. प्रशासन से उनकी यही अपेक्षा है कि उनकी कठिनाइयों को समझते हुए शीघ्र ही कोई ठोस कदम उठाया जाये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
