जामताड़ा : सीपीआइएम जिला कमेटी की ओर से मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया. धरना कार्यक्रम में राज्यस्तरीय एवं स्थानीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कमेटी के सचिव सुजीत कुमार माजी ने की.
विस्थापन और किसानों का मुद्दा
सीपीआइएम राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरजीत सिन्हा ने कहा कि झारखंड सरकार से लोगों को जो अपेक्षाएं थीं, वे पूरी नहीं हुई हैं. उन्होंने विस्थापन की समस्या, हाथियों के प्रकोप से हुई मौतों के बाद मुआवजा नहीं मिलने, जमीन का अधिग्रहण कर लैंड बैंक बनाने और किसानों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया.
सड़क और प्रमाण पत्र की परेशानी
धरना के दौरान प्रखंड कार्यालयों में जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही परेशानी, नगर में मच्छर के बढ़ते प्रकोप, रसिया भीटा एवं शहरपुरा जैसे गांवों में पक्की सड़क नहीं होने का मुद्दा उठाया गया. किसानों को फसल बिक्री में परेशानी, बीमा राशि नहीं मिलने तथा अजय बराज के केनाल में पानी की आपूर्ति नहीं होने की समस्या भी सामने रखी गई.
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
सदर अस्पताल में डॉक्टर एवं दवाओं की कमी, शहर में जाम, सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की बदहाल व्यवस्था तथा किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई.
वोटर सूची का मुद्दा उठा
चंडीदास पुरी ने कहा कि सही एवं जायज मतदाताओं को भी विभिन्न कारणों का हवाला देकर वोटर सूची से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके विरोध में आंदोलन तेज करने का आह्वान किया गया.
मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा संलेख
धरना समाप्ति के बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मांगों से संबंधित संलेख सौंपने की घोषणा की गई. वहीं किसान नेता सचिन राणा, सुकुमार बाउरी, मजदूर नेता लखनलाल मंडल और मजदूर नेता सुजीत कुमार भट्टाचार्य ने भी संबोधित किया.
काफी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
मौके पर जिला कमेटी प्रभारी सचिव संजय मेहता, गौर सोरेन, अशोक भंडारी, प्रेम, राजवीर सोरेन, अनूप सरखेल, बुधु मरांडी, चंडी बावरी, राजू डोम, घनश्याम गोराई, मालती, रसिक, नंद बावरी, दुबराज भंडारी सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.
