बाल संरक्षण की टीम ने बोरवा गांव में बाल विवाह होने से रोका

नारायणपुर. बोरवा गांव में मंगलवार को एक नाबालिग बच्ची की निकाह होने वाली थी.

प्रतिनिधि, नारायणपुर. बोरवा गांव में मंगलवार को एक नाबालिग बच्ची की निकाह होने वाली थी. इसके कुछ घंटे पहले ही बाल संरक्षण समिति ने बाल विवाह टाल दिया. निकाह की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी. बच्ची के हाथों में मेहंदी रची थी और बारातियों के स्वागत के लिए खान-पान की व्यवस्था भी कर ली गयी थी. महज कुछ ही घंटों में बारात दरवाजे पर पहुंचने वाली थी. इसी बीच प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति की टीम को सूचना मिली, जिसके बाद शाम करीब चार बजे टीम बोरवा गांव पहुंची. गांव में निकाह की तैयारियों के बीच जैसे ही प्रशासनिक वाहन पहुंचा, लोगों में हलचल मच गयी. टीम में अंचल अधिकारी देवराज गुप्ता, महिला सुपरवाइजर नियोती दास एवं पंचायत सचिव अमरेंद्र झा शामिल थे. मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने सबसे पहले नाबालिग बच्ची के अभिभावकों से बातचीत की. स्थानीय बुद्धिजीवियों और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में टीम ने अभिभावकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिग का निकाह कराना कानूनन अपराध है. संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सकती है. जागरुकता के बाद अभिभावक निकाह रोकने को तैयार हो गये. उन्होंने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि बच्ची के बालिग होने से पहले उसका निकाह नहीं कराया जायेगा. टीम की इस त्वरित कार्रवाई से संभावित बाल विवाह को रोका जा सका. ग्रामीणों ने भी प्रशासन की पहल की सराहना की.

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Published by: Umesh kumar

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