आलिम-फाजिल डिग्रीधारियों का सत्यापन रोके जाने से अभ्यर्थियों में रोष

जामताड़ा. सहायक आचार्य भर्ती 2023 में सफल आलिम और फाजिल डिग्रीधारियों के दस्तावेजों के सत्यापन को अचानक रोक देने से अभ्यर्थियों में आक्रोश है.

संवाददाता, जामताड़ा. सहायक आचार्य भर्ती 2023 में सफल आलिम और फाजिल डिग्रीधारियों के दस्तावेजों के सत्यापन को अचानक रोक देने से अभ्यर्थियों में आक्रोश है. रांची में प्रारंभिक हुईजांच के बाद जिलास्तर पर चल रही प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले (अंजुम कादरी बनाम भारत संघ, 5-11-2024) का हवाला देते हुए रोक दिया गया. पदाधिकारियों का कहना है कि आलिम और फाजिल की डिग्रियां नियुक्ति के लिए मान्य नहीं हैं. इससे सैकड़ों सफल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. इसका समाधान के लिए अभ्यर्थियों ने नेताओं से मुलाकात की. जामताड़ा, देवघर, गिरिडीह, दुमका, मधुपुर और धनबाद के दर्जनों सफल अभ्यर्थियों ने पूर्व सांसद फुरकान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, सारठ विधायक चुन्ना सिंह और जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन के प्रतिनिधि शब्बीर हसन से भेंट की और उन्हें ज्ञापन सौंपा. मौके पर मो तौफीक, मो सफीउल्लाह, अब्दुल रहीम, मो आलम, मो अकरम आदि मौजूद रहे. अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें : जिलास्तर पर दस्तावेजों जांच तुरंत बहाल की जाए, जैक (2006 की अधिसूचना) और रांची विश्वविद्यालय (2008 की समकक्षता समिति) के आधार पर डिग्रियों को वैध माना जाए. सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को भावी प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि पूर्व की डिग्रियों और नियुक्तियों पर असर न पड़े. शिक्षा विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं, जिससे आलिम और फाजिल धारकों की नियुक्ति में कोई अड़चन न आए.

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Published by: Umesh kumar

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