जामताड़ा में पंचायतों को अधिकार दिलाने की मुहिम तेज
जामताड़ा. जिले के मुखिया संघ ने पंचायती राज व्यवस्था सशक्त बनाने और पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्ण अधिकार दिलाने की मांग की आवाज बुलंद की है.
जामताड़ा. जिले के मुखिया संघ ने पंचायती राज व्यवस्था सशक्त बनाने और पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्ण अधिकार दिलाने की मांग की आवाज बुलंद की है. सोमवार को गांधी मैदान में जामताड़ा प्रखंड मुखिया संघ की बैठक हुई. अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सरोज हेंब्रम ने की. बैठक में मुखिया ने पंचायतों में वर्तमान प्रशासनिक उदासीनता पर गहरी चिंता व्यक्त की. जिलाध्यक्ष देवीसन हांसदा ने कहा कि पंचायत चुनाव के तीसरे कार्यकाल के बावजूद आज भी पंचायतों को वह अधिकार नहीं मिल पाए हैं, जो उन्हें संविधान और पंचायती राज अधिनियम के तहत मिलने चाहिए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित पदाधिकारियों के अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से पंचायतें विकास कार्यों को संचालित नहीं कर पा रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति थम-सी गई है. मुखिया संघ ने कहा है कि वर्तमान व्यवस्था में पंचायत प्रतिनिधि केवल नाम के रह गए हैं. योजनाओं की स्वीकृति, क्रियान्वयन और निगरानी में मुखियाओं की भूमिका सीमित कर दी गयी है. इससे न सिर्फ जनप्रतिनिधियों का मनोबल गिरा है, बल्कि ग्रामीण जनता भी प्रभावित हो रही है. मुखिया संघ ने बैठक में निर्णय लिया कि आठ मई को जिला मुखिया संघ की ओर से स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी को एक मांग पत्र सौंपा जाएगा. इसमें पंचायतों को सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार दिए जाने की मांग की जाएगी, जिससे पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके. मुखिया संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. मौके पर सुनीता मुर्मू, मालती सोरेन, जोसेफ मुर्मू, सुखेंद्र टुडू आदि मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
