शासन की सख्ती . हर दिन मनरेगा के तहत सौ मजदूरों को काम नहीं देने में जामताड़ा प्रखंड फेल
जामताड़ा : मनरेगा योजना के तहत कार्यरत पदाधिकारी व कर्मी की मनमानी अब नहीं चलेगी. विभाग मनमानी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है. मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में पंचायतों में प्रत्येक दिन सौ मजदूर कार्यरत नहीं पर जामताड़ा प्रखंड के 16 पंचायत के रोजगार सेवक व पंचायत सचिव का वेतन स्थगित कर दिया है.
सरकार का साफ निर्देश है कि जो पंचायत में प्रत्येक दिन सौ मजदूर कार्यरत नहीं रहते है तो संबंधित रोजगार पर कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्त किया जायेगा. वहीं संबंधित पंचायत सेवक पर विभागीय कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जायेगी.
रोजगार सेवक की सेवा हो सकती है समाप्त
इन पंचायतों के पंचायत सेवक व रोजगार सेवक का रुका वेतन
जामताड़ा प्रखंड के बड़जोड़ा, बेवा, चालना, चंद्रदीपा, दुलाडीह, गोपालपुर, जियाजोरी, कुशबेदिया, लाधना, मेंझिया, रानीडीह, शहरडाल, शहरपुरा, सिउलीबाड़ी, सोनबाद एवं सुपायडीह पंचायत के रोजगार सेवक व पंचायत सेवक का वेतन रोका गया है. जामताड़ा प्रखंड के इन 16 पंचायतों में साप्ताहिक रोजगार दिवस नहीं मनाया जाता है. राज्य सरकार दिसंबर 2016 में ही जिला को निर्देश दिया है कि औसत प्रत्येक दिन कम से कम सौ मजदूर कार्यरत नहीं है तो बीडीओ व बीपीओ का भी वेतन रोका जायेगा.
योजना का जियो टैगिंग करने में रोजगार सेवक नहीं लेते रूचि
वहीं जामताड़ा जिला के विभिन्न पंचायतों में योजना का जियो टैगिंग नहीं करने पर संबंधित रोजगार सेवक को स्पष्टीकरण पूछा गया है. जामताड़ा प्रखंड के पांच पंचायत दुलाडीह, लाधना शहरडाल, सोनबाद, उदलबनी पंचायत में योजना का जियो टैगिंग नहीं किया गया है. करमाटांड़ प्रखंड के एक पंचायत नवाडीह पंचायत व नारायणपुर प्रखंड के बंदरचुवां, बाकुडीह, कोरीडीह वन व सबनपुर पंचायत में एक भी योजना का जियो टैगिंग नहीं की गयी है. योजना का जियो टैगिंग करने की सारी जिम्मेवारी रोजगार सेवक को है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
जामताड़ा प्रखंड के 16 पंचायतों में मनरेगा के तहत प्रतिदिन सौ मजदूर कार्यरत नहीं होने पर संबंधित पंचायत सेवक व रोजगार सेवक का वेतन पर रोक लगा दी गई है. वहीं योजना का जियो टैगिंग करने में रूचि नहीं लेने पर भी संबंधित रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण पूछा गया है.
– कुमार मिथिलेस प्रसाद, डीडीसी, जामताड़ा.
