आहरडीह में बिजली नहीं, बिल दे रहा विभाग
नारायणपुर : नारायणपुर का आहरडीह गांव नक्सल प्रभावित इलाका है. यहां पिछले दो साल से बिजली नहीं है. लेकिन विद्युत विभाग की मेहरबानी देखिये कि उपभोक्ताओं को बिल भेज दिया जा रहा है. ऐसा नहीं है कि लोगों ने इसकी शिकायत नहीं की. कई बार इसकी शिकायत की लेकिन काेई इसका निराकरण नहीं कर रहा. […]
नारायणपुर : नारायणपुर का आहरडीह गांव नक्सल प्रभावित इलाका है. यहां पिछले दो साल से बिजली नहीं है. लेकिन विद्युत विभाग की मेहरबानी देखिये कि उपभोक्ताओं को बिल भेज दिया जा रहा है. ऐसा नहीं है कि लोगों ने इसकी शिकायत नहीं की. कई बार इसकी शिकायत की लेकिन काेई इसका निराकरण नहीं कर रहा. बता दें कि अहारडीह स्थित आदिवासी गांव के टोला डांगरडीह में विभाग द्वारा 10 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाकर विद्युत बहाल किया गया था.
लोग विद्युत का भरपुर लाभ ले रहे थे. दो वर्ष पूर्व 2014 में गांव में इस ट्रांसफॉर्मर की चोरी हो गयी. जिसके बाद गांव में अंधेरा छा गया. इसकी लिखित एवं मौखिक शिकायत विभाग के अधिकारियों एवं न प्रतिनिधियों से कई बार किया गया. लेकिन इस दिशा में पहल नहीं किया गया. जबकि विद्युत विल दो वर्ष से हर माह भेजा जा रहा है. विभाग के लापरवाही के कारण गांव के उपभोक्ताओं में विद्युत विभाग के प्रति काफी रोष गहराता जा रहा है.
क्या कहते हैं लोग
इस संबंध उपभोक्ता शिवलाल ठाकुर, सर्वे हांसदा, सिकन्दर अंसारी, समेत अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि सरकार आदवासियों के गांव की समस्या के प्रति गंभीर नहीं है. आदिवासी समुदाय को महज वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है. जिससे यह समुदाय आज भी विकास से काफी पीछे है. उपभोक्ताओं ने गांव में ट्रांसफॉर्मर लगाकर विद्युत व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
इस संबंध में विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अनुप कुमार विहारी ने बताया कि गांव की इस समस्या की जानकारी नहीं है. यदि गांव वाले पूर्व में ट्रांसफॉर्मर चोरी की सूचना दी गयी है तो इन सभी उपभोक्ताओं का विद्युत बिल में सुधार किया जायेगा. साथ ही विद्युत व्यवस्था बहाल करने की दिशा मे पहल की जायेगी.
सपना ही रह गया विकास