संवाददाता, जामताड़ा. जिले में कृषि विकास की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने अंचल वार कृषि योग्य भूमि का सर्वे पूरा कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 84,243 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि चिह्नित की गयी है. भूमि की प्रकृति के आधार पर इसे तीन श्रेणियों पहाड़ी कृषि योग्य भूमि, मध्य कृषि योग्य भूमि और निम्न कृषि योग्य भूमि में विभाजित किया गया है. कृषि विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक जिले में पहाड़ी कृषि योग्य भूमि 46,485 हेक्टेयर है. वहीं मध्य कृषि योग्य भूमि 28,754 हेक्टेयर तथा निम्न कृषि योग्य भूमि 31,500 हेक्टेयर दर्ज की गई है. यह रिपोर्ट जिले के सभी प्रखंडों से अंचल अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर तैयार की गयी है. सबसे अधिक कृषि योग्य भूमि जामताड़ा प्रखंड में 13,912 हेक्टेयर पाई गई है. इसके विपरीत सबसे कम कृषि योग्य भूमि करमाटांड़ प्रखंड में मात्र 2,437 हेक्टेयर दर्ज की गयी है. मध्य कृषि योग्य भूमि के मामले में नाला प्रखंड सबसे आगे है, जहां 6,956 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गयी है. वहीं करमाटांड़ प्रखंड में सबसे कम 2,968 हेक्टेयर मध्य कृषि योग्य भूमि पाई गयी है. इस संबंध में डीएओ लव कुमार ने बताया कि कृषि योग्य भूमि के इस सर्वे से जिले में खेती की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी. भूमि की श्रेणी के अनुसार फसल चयन, सिंचाई व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाएगा.
जिले में 84,243 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि किये गये चिह्नित : डीएओ
जामताड़ा. जिले में कृषि विकास की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने अंचल वार कृषि योग्य भूमि का सर्वे पूरा कर लिया है.
