मिहिजाम : स्कॉर्पियो लूट मामले में पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पायी है. पुलिस अभी भी सुराग की तलाश में है. वैसे पुलिस अनुमान लगा रही है कि अपराधी वाहन लेकर पश्चिम बंगाल की ओर भागे हैं या फिर बंगाल के रास्ते झारखंड के धनबाद की ओर निकले होंगे. दोनों ही सूरतों में यह भी माना जा रहा है कि कहीं स्कॉर्पियों वाहन की कटिंग तो नहीं कर दी गयी, फिर तो वाहन को पहचानना मुश्किल हो जायेगा.
क्योंकि धनबाद, कुल्टी, नियामतपुर, पानागढ़, आसनसोल आदि क्षेत्रों में चोर बाजार सक्रिय हैं. जहां चोरी किये गये वाहनों के पूर्जे-पूर्जे खोल कर बेच दिये जाते हैं. मामले में पुलिस को स्कॉर्पियों चालक सुचित कुमार महतो के बयान पर भी संदेह है. चालक ने बताया था कि देवघर लौटने के दौरान मिहिजाम थाना क्षेत्र के ढेकीपाड़ा मोड़ के निकट अपराधियों ने पिस्तौल की नोक पर वाहन लूटा है.
जिसके बाद चालक ने ट्रक से अपराधियों का पीछा किया था. सवाल यह उठ रहा है कि स्कॉर्पियों में चालक अकेले थे. यह बात सिर्फ चालक और उसके मालिक को पता था. दूसरा सवाल ये कि स्कॉर्पियों जैसे हाईस्पीड वाहन का पीछा ट्रक से कैसे किया जा सकता था. जबकि रास्ते में कई पुलिस वाहन, थाने आदि मिलते ही है और तो और कई चेक पोस्ट भी हैं.
इन सब सवालों को लेकर पुलिस पड़ताल में लगी है. गौरतलब है कि वहीं सोमवार की रात बरहेट के थाना प्रभारी ब्रम्हदेव चौधरी के भांजे विपुल कुमार की स्कॉर्पियों को अपराधियों ने लूटा है. विपुल के पिता को आसनसोल ड्रॉप कर स्कॉर्पियों वापस देवघर लौट रहा था. तीन की संख्या में दो बाइक पर सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है.
