जामताड़ा : पारा शिक्षक संघ के प्रखंड सचिव विजय कुमार वर्मण ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर राज्य में अनियमित तौर पर विभिन्न विभागों में 2006 से पूर्व से कार्यरत 10 वर्षो की सेवा दे चुके कर्मियों को नियमित करने का निर्णय लिया है.
लेकिन झारखंड केबिनेट द्वारा पारित इस निर्णय के चार माह बीत जाने के बाद भी राज्य के लगभग 20 हजार उत्क्रमित प्राथमिक एवं नवीन प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 15 वर्षो से पठन-पाठन कार्य कर रहे पारा शिक्षकों के लिये लागू नहीं हो रहा है.
इस विद्यालयों के दो पद पर निर्धारित योग्यता के तहत दो पारा शिक्षक विद्यालय स्थापना काल से बच्चों को पढ़ा रहे हैं. इन विद्यालयों के पारा शिक्षकों ने रघुवर सरकार से संज्ञान में लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर अविलंब नियमित करने की मांग की है.
