अब तक इलाके का नहीं हो सका समुचित विकास
सरकारें आयीं और गयीं, नये नये जनप्रतिनिधि चुने गये. लेकिन कोई भी इलाके का विकास नहीं कर पाया. आज भी कई जगहों पर जाने के लिए एक अदद सड़क तक नहीं है. पेयजल के लिए लोग रोजाना भटकते हैं. स्वास्थ्य सुविधा के लिए इलाके के लोग पश्चिम बंगाल पर निर्भर हैं. आश्वासनों की भीड़ में व्यवस्था चरमरा रही है. जनता पूरी तरह परेशान है.
नारायणपुर : झिलुवा पंचायत के बरियारपुर गांव में जोरीया पर पुल नहीं बनने से लोगों को काफी परेशानीहो रही है. अन्य दिनों में तो काम चल जाता है, लेकिन बरसात के दिनों में लोग परेशान हो जाते हैं.
नदी में पानी आ जाने पर इसके किनारे के गांवों की दूरी छह-सात किमी बढ़ जाती है. मोहनपुर होकर घुमकर जाना होता है. लोग विवश होकर करमाटांड आदि बाजारों का रुख कर लेते हैं. गांव के मानिक पंडित, झुनी पंडित, नंदलाल पंडित, रुपलाल पंडित आदि ने कहा कि हमलोगों ने समय-समय पर पुल बनाने की मांग उपयुक्त मंच पर उठाया है, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुआ. पंचायत के मुखिया अनीता सोरेन ने कहा कि बरियारपुर जोरिया में पुल बनाने के लिए जल्द ही आमसभा करवाकर रिपोर्ट विभाग को भेजा जायेगा ताकि जल्द से जल्द पुल बन सके.
उधर प्रखंड क्षेत्र के चंदाडीह लखनपुर गांव में इन दिनों पेयजल की समस्या एक विकट समस्या है. प्रखंड क्षेत्र के चंदाडीह लखनपुर गांव में अल्पसंख्यक, आदिवासी, हरिजन सहित कई अन्य जाति के लोग रहते हैं.
इस गांव की आबादी लगभग 4000 से अधिक है. इस गांव में विभाग द्वारा ग्रामीणों को पेयजल सुविधा मुहैया कराने हेतु कुल 12 चापाकल लगवाये गये हैं,
जिसमें से इन दिनों करीब पांच चापाकल खराब पड़ जाने के कारण ग्रामीणों के समक्ष एक बार पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है. चंदाडीह लखनपुर गांव के ग्रामीण इलियास अंसारी, मकबुल अंसारी, मो सफाउल अंसारी, मो चिराउदीन अंसारी, बिरजू सोरेन, सरण सोरेन, सहदेव सोरेन, बबलू सोरेन, संजय राणा, समर राणा, कालाचंद हाडी, बिनोद हांडी आदि लोगों ने खराब चापाकलों की मरम्मत की मांग की है. उधर मुखिया नुनूलाल मरांडी ने कहा है कि समस्या की जानकारी मिली है. जल्द ही इसका समाधान किया जायेगा.
