नहीं हुआ अजरुनडीह गांव का विकास

नारायणपुर : सरकार की उदासीनता कहिए या जन प्रतिनिधियों कि कारगुजारी क्षेत्र के कई गांव है. जहां आज भी आवागमन के लिये ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कहीं सड़क नहीं है तो कहीं पुल-पुलिया का अभाव है. जन प्रतिनिधि को चुनाव के समय लोगों को विकास की बात नजर आती है. […]

नारायणपुर : सरकार की उदासीनता कहिए या जन प्रतिनिधियों कि कारगुजारी क्षेत्र के कई गांव है. जहां आज भी आवागमन के लिये ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कहीं सड़क नहीं है तो कहीं पुल-पुलिया का अभाव है. जन प्रतिनिधि को चुनाव के समय लोगों को विकास की बात नजर आती है.
चुनाव खत्म होते ही ये विकास का खोखला दावा करने वाले जनप्रतिनिधि क्षेत्र को भूल जाते हैं. जिसका खमियाजा गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है. आखिर ये ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिये किस दरवाजे पर माथा टेके यह नहीं जानते हैं. राज्य गठन के 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्य के गांवों का सर्वागीण विकास नहीं हो सका. जिसकी सजा गांव के ग्रामीण आज भी भुगत रहे हैं.
गांव वालों को आज भी किसी तारणहार का इंतजार बेसब्री से है. ऐसा ही प्रखंड क्षेत्र का पोस्ता पंचायत के अर्जुनडीह गांव में रजैया नदी पर पुलिया के अभाव में अर्जुनडीह, पोखरिया समेत कई गांव के ग्रामीण को लंबी दूरी तय कर मुख्यालय आना नियति बन गयी है. यदि इस नदी पर पुलिया का निर्माण हो जाये तो क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा होगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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