वित्तीय वर्ष 2015-16 में एक भी नयी योजना की नहीं हुई शुरुआत
मामला दर्ज होने के बाद मजदूरों की किस्मत को लग गया ग्रहण
कुंडहित : बाबूपुर पंचायत में सिंचाई कूप निर्माण में लाभुकों के लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान बकाया हो गया है. जिससे लाभुक के साथ-साथ मजदूरों की स्थिति भी दयनीय हो गयी है.
बकाया उस समय से है जब से मुखिया, रोजगार सेवक, मेठ, पंचायत सचिव तथा जेइ पर गबन का मामला दर्ज हुआ है. मामला कुंडहित थाना में दर्ज होने के बाद वित्तीय वर्ष 2015-16 में एक भी नयी योजना शुरू नहीं की गयी. वित्तीय वर्ष 2014-15 में जो योजनाएं ली गयी थी.
उसमें सिंचाई कूप में 10 योजना, मिट्टी मोरम सड़क 01, पीसीसी 03 गोशाला 02, तालाब निर्माण 05 तथा 02 सिंचाई नाली की योजनाएं शामिल है. पिछले माह मार्च 2015 में बाबूपुर पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव, जेइ, रोजगार सेवक व मेठ पर गबन का मामला उपायुक्त के निर्देश पर बीपीओ वाणीव्रत मित्र ने कुं डहित थाना में दर्ज किया था.
तब से पंचायत में मनरेगा कार्य ठप पड़ गया है. लाभुक गोपीनाथ मंडल योजना संख्या 09/14-15 सिंचाई कूप, योजना संख्या 10/ 14-15 सिंचाई कूप के लाभुक उत्तम मंडल, योजना संख्या 39/ 14-15 के मनिलाल पूजहर योजना संख्या 42/ 14-15 के सुमित मुमरू, योजना संख्या 01/ 14-15 के लाभुक रमेश चंद्र पांडा, योजना संख्या 45/ 14-15 के लाभुक शष्टीपद बाउरी तथा योजना संख्या 5/ 14-15 के लाभुक दुलाल मंडल ने कहा कि एक माह में बरसात का मौसम शुरू हो जायेगा, इसलिए महाजन से उधार लेकर सिंचाई कूप का निर्माण कार्य जारी रखा है.
ताकि बरसात में धंसने से बच जाये. कहा कि 2 लाख 77 हजार प्राक्कलित राशि का कूप में किसी में 55 हजार, 70 हजार, 84 हजार, 38 हजार तो किसी में एक लाख का भुगतान किया गया है.
बावजूद किसी कूप का जोड़ाई कार्य 24 फुट, 20 फुट, 22, 30, फुट का कार्य कर लिया गया है. मजदूर दारा रविदास, श्याम सुंदर बाउरी, मदन मोहन बाउरी, विश्वनाथ रविदास, धंनजय रविदास, सुकुमार बाउरी ने कहा कि पंचायत में एक भी नया कार्य शुरू नहीं किया गया है. पुरानी योजनाओं में भी भुगतान बकाया है. लाभुक से पेट गुजारा के लिए थोड़ी बहुत राशि लेकर जिंदा हैं.
