फोटो : 10 जाम 03 काम करते लोहार- लोहारों को नहीं मिल रहा प्रोत्साहन- काम का नहीं मिलता सही दामफतेहपुर . लोहारों के परंपरागत कार्य को सरकार द्वारा प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण अब यह कार्य सीमित होता जा रहा है. आने वाली पीढ़ी अब इस काम से जुड़ना नहीं चाहती है. मोहनाबांक, गुलुडूमरिया, सोरानपाड़ा, मुर्गाबनी समेत दर्जनों गांवों में लोहार जाति के लोग रहते हैं. कर्मकार समाज के लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा इस समुदाय के प्रति ध्यान नहीं देने तथा उनके परंपरागत कारोबार को प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण पलायन करने को विवश हो जाते हैं. बताते हैं कि कई वर्षों पूर्व एक बार मशीन मिला था. उसके बाद कुछ नहीं. अधिकांश लोग ताड़ पत्ते की बनी झोपड़ी में पुश्तैनी कारोबार चलाते हैं. दिनभर काम करने के बाद भी इन्हें मिलने वाले मेहनताना काफी कम होती है. जिससे परिवार की जरूरतों को पूरा आसान नहीं है.
ओके.. धूमिल हो रही हथौड़े की गूंज
फोटो : 10 जाम 03 काम करते लोहार- लोहारों को नहीं मिल रहा प्रोत्साहन- काम का नहीं मिलता सही दामफतेहपुर . लोहारों के परंपरागत कार्य को सरकार द्वारा प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण अब यह कार्य सीमित होता जा रहा है. आने वाली पीढ़ी अब इस काम से जुड़ना नहीं चाहती है. मोहनाबांक, गुलुडूमरिया, सोरानपाड़ा, […]
