गरमी में नवजातों पर रखें विशेष ध्याननगर प्रतिनिधि, जामताड़ागरमी का मौसम है. इसमें बच्चों व धूप में घूमने वालों की सेहत खराब होने की प्रबल संभावना रहती है. सुबह ठीक हैं, दिन भर इधर उधर घूम कर जब शाम में घर पहुंचे तो बीमार पड़ गये. बाजार में उल्टा-सीधा भोजन करने से डायरिया भी हो सकता है. ऐसे में इन बीमारियों से बचने के लिए दवा के साथ साथ घरेलु उपचार भी बेहद कारगर होते हैं. ज्यादा परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से मिलना चाहिए. आइए इन सभी बीमारियों से लड़ने के लिए बात करते हैं शहर के जाने माने चिकित्सक सह सिविल सर्जन डॉ बीके साहा से.नवजात का कैसे ख्याल रखा जायतेज धूप व उमस भरी गरमी में नवजातों में उल्टी व सर्दी खांसी की संभावना ज्यादा रहती है. घर के अंदर भी उन्हें लू लग सकता है. ऐसे में लोग बच्चों को समय समय पर पानी पिलाते रहें. उन्हें घर के अंदर ठंडे जगहों पर रखें ताकि वे धूप व गरमी के संपर्क में ना आ सकें. क्योंकि वे बेहद नाजुक होते हैं. जरा सी असावधानी के कारण वे बीमार पड़ सकते हैं. छोटे बच्चों को ग्राइप वाटर जरूर पिलायें. इससे पेट की बीमारियों से बचा जा सकता है.खूब पानी पीयेंभाग दौड़ की जिंदगी में लोग कड़ी धूप में भी घर से निकलना उनकी मजबूरी बन जाती है. ऐसे में जब भी घर से निकलें तो खाली पेट ना निकलें और भरपेट पानी भी पी लें. भोजन करके तुरंत ना निकलें, थोड़ा आराम करके पानी पीकर निकलें. अपने पास ओआरएस का घोल जरूर रखें. डायरिया में यह काफी प्रभावित होता है. लू की थोड़ी शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जायें और इलाज करायें. जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार दवाएं उपलब्ध हैं.—————————फोटो : 25 जाम 02
सिविल सर्जन डॉ बीके साहा ने की लोगों से सीधी बातें, कहा
गरमी में नवजातों पर रखें विशेष ध्याननगर प्रतिनिधि, जामताड़ागरमी का मौसम है. इसमें बच्चों व धूप में घूमने वालों की सेहत खराब होने की प्रबल संभावना रहती है. सुबह ठीक हैं, दिन भर इधर उधर घूम कर जब शाम में घर पहुंचे तो बीमार पड़ गये. बाजार में उल्टा-सीधा भोजन करने से डायरिया भी हो […]
