फोटो : 12 जाम 03नगर प्रतिनिधि, जामताड़ा एक वक्त था की लोगों को समय बताने का काम टावर घड़ी करती थी. अपनी टन-टन की आवाज से लोगों को बताती थी कि समय क्या हो रहा है. लेकिन आज वो खुद अपने समय का इंतजार कर रही है. कोई तो होगा जो बंद पड़ी घड़ी को ठीक करायेगा. वहीं टॉवर की स्थिति भी जर्जर है. रख-रखाव के अभाव में दीवारों की परतें टूटने लगी है. वर्षों से खराब पड़ी घड़ी की मरम्मती के लिए न तो जिला प्रशासन ही कोई कदम उठा रहा है और न ही कोई जनप्रतिनिधि की पहल कर रही है.
शोभा की वस्तु बन कर रह गयी टॉवर घड़ी
फोटो : 12 जाम 03नगर प्रतिनिधि, जामताड़ा एक वक्त था की लोगों को समय बताने का काम टावर घड़ी करती थी. अपनी टन-टन की आवाज से लोगों को बताती थी कि समय क्या हो रहा है. लेकिन आज वो खुद अपने समय का इंतजार कर रही है. कोई तो होगा जो बंद पड़ी घड़ी को […]
