नाला . प्रवासी मजदूरों को मिलेगी डेढ़ लाख की मुआवजा राशि. यह जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने दी. बताया कि अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम 1979 के तहत जिसका झारखंड के सभी जिलों व प्रखंडों में कार्यान्वयन हो रहा है. इस अधिनियम के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा इन मजदूरों का पलायन रोकने उनकी समुचित पहचान करने तथा उनकी पहचानोपरंात रोजगारोन्मुखी विकास योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु प्रवासी मजदूरों का सर्वेक्षण एवं पुनर्वास योजना चलाया गया है. उन्होंने अधिनियम के आलोक में जानकारी देते हुए बताया कि वैसे प्रवासी मजदूरों को जो चिह्नित नियोजकों के यहां कार्य करने हेतु किसी ठेकेदार ऐजेंट आदि के माध्यम से प्रवास करते हैं. उन्हें पंचायत सचिव के द्वारा हरे रंग का परिचय पत्र निर्गत किया जाना है. राज्य से बाहर जाने वाले वैसे प्रवासी मजदूरों को जो स्वयं कार्य की तलाश में बाहर जाते हैं. उन्हें लाल रंग का परिचय पत्र पंचायत सचिव के द्वारा निर्गत किया जायेगा. बताया कि निबंधित प्रवासी मजदूरों को प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में मृत्यु होने या स्थायी या पूर्ण रूप से आशक्त होने की स्थिति में डेढ़ लाख रुपया भुगतान आश्रितों अथवा लाभुक को दिये जाने का प्रावधान है. दुर्घटना में दो आंख या दो अंगों की हानि पर डेढ़ लाख रुपया का भुगतान किया जायेगा. दूसरी ओर दुर्घटना प्राकृतिक आपदा में मजदूर की मृत्यु होने पर अथवा पूर्ण अशक्तता होने पर दूसरे राज्य से मजदूर के आश्रित परिवार पैतृक आवास तक पहुंचाने का संपूर्ण व्यय सरकार द्वारा की जायेगी. उन्होंने बताया कि जिले से अन्य राज्यों में जाने वाले प्रवासी मजदूरों का सर्वेक्षण जारी है.
ओके... प्रवासी मजदूरों को मिलेगा डेढ़ लाख मुआवजा
नाला . प्रवासी मजदूरों को मिलेगी डेढ़ लाख की मुआवजा राशि. यह जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने दी. बताया कि अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम 1979 के तहत जिसका झारखंड के सभी जिलों व प्रखंडों में कार्यान्वयन हो रहा है. इस अधिनियम के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा इन मजदूरों का पलायन रोकने उनकी […]
