प्रतिनिधि, मिहिजामएकीकृत आवास एवं स्लम विकास कार्यक्रम (आईएचएसडीपी) में आवाास आवंटन में हुए घोटाले की जांच लगभग पूरी हो गयी है. अब केवल जांच दल को अपना रिपोर्ट उपायुक्त जामताड़ा को सौपना है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिलास्तरीय जांच टीम के रिपोर्ट आने के बाद यदि जांच संतोषजनक नहीं पाया गया तो निगरानी ब्यूरो भी जांच कर सकती है. ऐसे में घोटालेबाजों का बचना मुश्किल है. वैसे अब तक हुए 18 वाडार्ें में 255 आवासों की स्थलीय जांच में जो तथ्य सामने आये हैं, उससे स्पष्ट है कि जांच टीम ने जांच के क्रम में जो गड़बडि़यां पायी है, उससे इंकार नहीं किया जा सकता. इसके अलावा चयनित लाभुकों से बाहर 551 लाभुकों की फाइलों में ही कई गड़बड़ी पाई गयी है. 816 लाभुकों में जांच टीम को कई ऐसे नाम भी मिले है जिनका जमीनी स्तर पर आवास बना ही नहीं है, लेकिन उसे योजना की राशि मिल गयी है. यानी गड़बड़ी करने में बिचौलिये भी सक्रिय रहे. जाचं रिपोर्ट में किस-किस की गर्दन फंसती है, इस पर लोगों निगाह अटकी है.घोटाले की जांच का असर नगर पंचायत के काम काज पर भी दिख रहा है. यहां के कर्मी और अधिकारी फूंक फंूक कर कदम रख रहे हैं. इसके चलते कई जरूरी कार्य भी प्रभावित हो रहे है. लोगों को परेशानी भी हो रही है.
आवास घोटाले की जांच लगभग हो गयी पूरी
प्रतिनिधि, मिहिजामएकीकृत आवास एवं स्लम विकास कार्यक्रम (आईएचएसडीपी) में आवाास आवंटन में हुए घोटाले की जांच लगभग पूरी हो गयी है. अब केवल जांच दल को अपना रिपोर्ट उपायुक्त जामताड़ा को सौपना है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिलास्तरीय जांच टीम के रिपोर्ट आने के बाद यदि जांच संतोषजनक नहीं पाया गया तो निगरानी ब्यूरो […]
